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Deoghar : कंधे पर कांवर, जुबां पर ‘बोल बम’ का जयकारा और पैरों में पड़े छाले… जब सुल्तानगंज से 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करके शिवभक्त देवघर की सीमा दुम्मा पहुंचते हैं, तो थकान अपने चरम पर होती है। ऐसे में थके-हारे कांवरियों की सेवा और उनके दर्द को कम करने के लिए CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने एक बेहद मानवीय पहल की है। अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत दुम्मा बॉर्डर पर एक विशाल मुफ्त चिकित्सा शिविर की शुरुआत की गई है, जो पूरे सावन भर यानी 28 अगस्त तक लगातार कांवरियों और स्थानीय ग्रामीणों का सहारा बनेगा।
पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार के बीच हुआ आगाज
इस सेवा यज्ञ की शुरुआत बेहद पारंपरिक और भव्य तरीके से हुई। CCL के डायरेक्टर (ह्यूमन रिसोर्स) हर्ष नाथ मिश्र ने विधिवत पूजा-अर्चना की और दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके तुरंत बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें प्रस्तुत किए गए मधुर शिव भजनों ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं की थकान पल भर में मिटा दी। इसके बाद निदेशक ने फीता काटकर आधिकारिक तौर पर इस फ्री मेडिकल कैंप का उद्घाटन किया।
जब खुद डायरेक्टर ने परखीं सुविधाएं
उद्घाटन के तुरंत बाद डायरेक्टर हर्ष नाथ मिश्र ने पूरे कैंप का घूम-घूमकर जायजा लिया। वे खुद कांवरियों के लिए बनाए गए बेड, फर्स्ट-एड किट, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं के काउंटर तक पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से बातचीत की और आपातकालीन व्यवस्थाओं के बारे में बारीकी से जानकारी ली।
निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि सावन का यह मेला सिर्फ आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा का महाकुंभ है। सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आने वाले कांवरियों के पैरों में छाले पड़ जाना, मांसपेशियों में खिंचाव और थकान होना स्वाभाविक है। CCL सिर्फ कोयला निकालने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सेवा करना हमारा पहला फर्ज है। हमारी कोशिश यही है कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने से पहले किसी भी भक्त को सेहत से जुड़ी तकलीफ न सहनी पड़े।
दवाइयों के साथ फल और मिठाइयों से मिली मिठास
कैंप में सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि शिवभक्तों के आदर-सत्कार का भी खास ख्याल रखा गया है। स्वास्थ्य जांच और डॉक्टरी सलाह के बाद कांवरियों और वहां मौजूद अतिथियों के बीच ताजे फल और मिठाइयों का प्रसाद बांटा गया। सेवा का यह भाव देखकर दूर-दूर से आए श्रद्धालु भी CCL की इस पहल की दिल से तारीफ करते नजर आए। इस खास मौके पर गिरिडीह एरिया के जनरल मैनेजर, प्रोजेक्ट ऑफिसर, सीनियर डॉक्टर्स, एरिया कंसल्टेटिव कमेटी के मेंबर्स, यूनियन प्रतिनिधि और भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
कांवरियों की राहत के लिए चौबीसों घंटे पुख्ता इंतजाम
पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानी पैरों के छालों, मोच और शरीर में पानी की कमी से होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए CCL ने कैंप में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की 24 घंटे मौजूदगी तय की है, ताकि दिन हो या रात, इलाज में एक मिनट की भी देरी न हो। पैरों के छालों और मोच से तुरंत आराम दिलाने के लिए स्पेशल ऑइंटमेंट, स्प्रे और पट्टी की खास व्यवस्था की गई है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, बीपी, बुखार और दर्द से राहत देने के लिए जरूरी दवाएं और ग्लूकोज भी पूरी तरह मुफ्त दिए जा रहे हैं। अगर आप या आपका कोई अपना इस सावन बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकल रहा है, तो दुम्मा बॉर्डर पर लगा यह मेडिकल कैंप पूरे सावन आपकी सेवा के लिए तैयार रहेगा।
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