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Ranchi : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। अनुपूरक बजट का कुल आकार 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये है।
सदन में जब बजट पेश किया जा रहा था, उस वक्त विपक्ष के सदस्य जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली का मुद्दा उठाकर नारेबाजी कर रहे थे। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि अनुपूरक बजट को पास कराने से पहले सदन में इस पर विस्तार से चर्चा कराई जाएगी। हंगामे के बीच ही विधानसभा की अलग-अलग समितियों की रिपोर्ट भी सदन में पेश की गई।
JPSC-JSSC कथित धांधली पर CBI जांच की मांग, सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी
शुक्रवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा इस भारी बारिश के बीच सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। राज्य में जेपीएससी की जितनी भी परीक्षाएं आयोजित हुई हैं, सब पर धांधली के गंभीर आरोप लगे हैं। जेएसएससी की परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर शिकायतों की भरमार है।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार से मांग की कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए और इन सभी विवादित परीक्षाओं की जांच तुरंत सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए।
सरकार बोली- सत्र में काफी वक्त बाकी, बाद में भी हो सकती है चर्चा
विपक्ष के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट पेश होने के बाद भी सत्र का पर्याप्त समय बचा हुआ है, इसलिए इस मुद्दे पर बाद में भी विस्तार से चर्चा कराई जा सकती है। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष भी छात्रों और युवाओं की वाजिब मांगों के साथ खड़ा है।
वेल में पहुंचे भाजपा विधायक, स्पीकर की अपील भी बेअसर रही
चर्चा के दौरान ही विपक्षी विधायक अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने विधायकों से शांत रहकर अपनी-अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने अपने ही नेता प्रतिपक्ष की बात भी पूरी तरह नहीं सुनी है।
अध्यक्ष ने भाजपा विधायकों से आग्रह किया कि यह खेती-किसानी का मौसम है और इससे जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा होना बेहद आवश्यक है, इसलिए प्रश्नकाल को चलने दिया जाए। हालांकि, जब हंगामा नहीं थमा तो अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही फिर हुआ हंगामा, सोमवार तक बैठक टली
दोपहर 12:35 बजे जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तो कांग्रेस नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष के इस विरोध को गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छात्रों के हित में फैसले ले रही है, लेकिन विपक्ष छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर सदन का काम ठप्प करना चाहता है।
इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सभी सूचनाओं को पढ़ा हुआ मानकर संबंधित विभागों को भेजने का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही विपक्षी विधायक एक बार फिर वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। सदन में लगातार हो रहे हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने आखिरकार कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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