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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रात का वक्त था। शहर और आसपास के इलाकों में ज्यादातर लोग अपने घरों में थे। सड़कें भी दिन के मुकाबले शांत थीं। इसी बीच पुलिस की गाड़ियां अलग-अलग इलाकों में निकल पड़ीं। कहीं पुलिस की टीम अचानक किसी अड्डे पर पहुंची तो कहीं सुनसान जगह पर खड़े लोगों से पूछताछ शुरू हो गई। जिन जगहों पर देर रात तक लोगों के जमा होने या नशाखोरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, वहां पुलिस ने अचानक दबिश दी।
यह नजारा बीती रात रामगढ़ जिले के कई इलाकों में देखने को मिला। एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर जिले के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में ‘प्रहरी’ अभियान चलाया गया। इस अभियान में पुलिस ने रात को संवेदनशील ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही दिन में प्रमुख सड़कों पर एंटी क्राइम चेकिंग की। यानी पुलिस ने यह साफ करने की कोशिश की कि निगरानी सिर्फ रात तक सीमित नहीं है, बल्कि दिन में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
जहां रात में जुटते थे लोग, वहां पहुंची पुलिस
शहर हो या गांव, कुछ ऐसे स्थान होते हैं जहां देर रात तक लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार इन्हीं जगहों पर नशाखोरी, छेड़खानी या दूसरी असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आती हैं। रामगढ़ पुलिस ने ऐसे स्थानों को चिन्हित कर रात में जांच शुरू की।
पुलिस टीमों ने अचानक इन जगहों पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। कौन वहां क्यों मौजूद है, इतनी रात को वहां आने की वजह क्या है, जैसी बातों की जानकारी ली गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और जरूरत के मुताबिक जांच की।
दरअसल, पुलिस की चिंता सिर्फ किसी एक घटना को लेकर नहीं है। अड्डेबाजी और नशाखोरी जैसी गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगे तो बाद में यही जगहें अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने बन सकती हैं। इसी वजह से पुलिस ने रात की निगरानी को अभियान का अहम हिस्सा बनाया।
पुलिस की अचानक दस्तक से बदला माहौल
रात में अचानक पुलिस के पहुंचने से ऐसे इलाकों में माहौल बदल गया। जहां कुछ देर पहले तक लोग बेफिक्र होकर बैठे नजर आ रहे थे, वहां पुलिस की मौजूदगी के बाद पूछताछ और जांच शुरू हो गई।
पुलिस का यही तरीका अपराध पर रोक लगाने की कोशिश का हिस्सा है। नियमित गश्त के साथ अचानक जांच होने से असामाजिक तत्वों को यह संदेश जाता है कि किसी भी जगह पर लंबे समय तक बेफिक्र होकर गतिविधियां चलाना आसान नहीं है। खासकर उन इलाकों पर ज्यादा ध्यान दिया गया, जहां पहले से नशाखोरी, छेड़खानी या अड्डेबाजी को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं।
दिन चढ़ा तो सड़कों पर भी पुलिस का पहरा
रात की कार्रवाई के बाद पुलिस की निगरानी थमी नहीं। दिन में जिले के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर एंटी क्राइम चेकिंग शुरू कर दी गई। पुलिसकर्मियों ने सड़क से गुजरने वाले वाहनों की जांच की। संदिग्ध लोगों और वाहनों पर भी नजर रखी गई। चेकिंग का मकसद सिर्फ वाहन के कागजात देखना नहीं था। पुलिस यह भी देख रही थी कि कहीं कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा तो नहीं है। जरूरत पड़ने पर लोगों से पूछताछ की गई और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस का मानना है कि इस तरह की जांच अपराध की घटनाओं को रोकने में मदद करती है। खासकर तब, जब किसी इलाके में बाहर से आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
पुलिस की कोशिश- वारदात से पहले ही रुक जाए मामला
‘प्रहरी’ अभियान की सबसे खास बात यही है कि पुलिस अब सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय उससे पहले की स्थिति पर भी नजर रख रही है। किस इलाके में देर रात तक लोगों का जमावड़ा रहता है, कौन सा रास्ता अपराध के लिहाज से संवेदनशील है, कहां नशाखोरी की शिकायतें आती हैं और किन जगहों पर पुलिस की मौजूदगी ज्यादा जरूरी है, इन सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।
एसपी मुकेश लुनायत के मुताबिक, अगर किसी संदिग्ध गतिविधि को शुरुआती स्तर पर ही रोक दिया जाए तो आगे होने वाली बड़ी घटना की संभावना भी कम की जा सकती है। इसलिए थाना और ओपी स्तर पर पुलिसकर्मियों को अपने इलाके की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा भी फोकस में
नशाखोरी और अड्डेबाजी का असर सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहता। कई बार इन जगहों से गुजरने वाले आम लोगों, खासकर महिलाओं और युवतियों को भी परेशानी होती है। छेड़खानी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से पुलिस ने ऐसे स्थानों की निगरानी बढ़ाई है। पुलिस की कोशिश है कि शाम ढलने के बाद संवेदनशील इलाकों में उसकी मौजूदगी नजर आए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी होने पर मदद मिल सके।
लोगों से भी पुलिस ने मांगा सहयोग
अपराध रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस की नहीं है। किसी मोहल्ले या गांव में रहने वाले लोग अपने आसपास की गतिविधियों को सबसे पहले देखते हैं। इसलिए पुलिस चाहती है कि लोग भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर दें। किसी अनजान व्यक्ति का लंबे समय तक इलाके में घूमना, रात में किसी सुनसान जगह पर लोगों का जमावड़ा, नशाखोरी या किसी तरह की आपराधिक गतिविधि नजर आए तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जा सकती है। समय पर मिली छोटी सी सूचना भी कई बार बड़ी घटना को रोकने में मदद कर सकती है।
अभी नहीं थमेगा ‘प्रहरी’ का पहरा
8 अगस्त को चलाया गया यह अभियान एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहने वाला है। रामगढ़ पुलिस ने साफ किया है कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी और चेकिंग आगे भी जारी रहेगी। रात में पुलिस की गश्त और अचानक दबिश के साथ दिन में प्रमुख मार्गों पर एंटी क्राइम चेकिंग की जाएगी। नशाखोरी, अड्डेबाजी, छेड़खानी और दूसरी असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
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