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Ranchi : झारखंड विधानसभा में मंगलवार को छात्रों और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ। सीएम हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें गलतफहमी थी कि विपक्ष में अब कोई रस बचा नहीं है। उन्होंने भाजपा पर छात्रों की आड़ में अपनी ताकत दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि समय के साथ विपक्ष में बचा हुआ रस भी खत्म हो जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया। भाजपा विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे और सत्ता पक्ष के विधायक भी इसका जवाब देते नजर आए। लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही तय कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। संसदीय कार्यमंत्री के आग्रह पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की। स्पीकर ने कहा कि भारी मन से उन्हें ऐसा निर्णय लेना पड़ रहा है।
छात्रों के मुद्दे पर भाजपा वेल में पहुंची, सीएम करीब 15 मिनट तक बोलते रहे
दरअसल, विधानसभा में छात्रों के आंदोलन और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ था। विपक्ष सरकार पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठा रहा था और छात्रों की मांगों पर जवाब मांग रहा था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सदन में खड़े हुए, तब भी भाजपा विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे।
हंगामे के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने करीब 15 मिनट तक अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे को लेकर गंभीर है और 14वीं JPSC परीक्षा के साथ 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर सरकार अपना रुख पहले ही साफ कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी टीडीपीएल ने परीक्षाएं कराई हैं, उसकी ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराने के लिए सरकार तैयार है।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि JPSC और JSSC में सुधार को लेकर सरकार ने जो सुझाव दिए हैं, आंदोलन कर रहे छात्र भी उससे सहमत हैं। सरकार का मकसद भर्ती प्रक्रिया में सुधार करना और युवाओं के हितों की रक्षा करना है।
सीएम हेमंत सोरेन ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर टीडीपीएल कंपनी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वहीं से साजिश रचकर बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ मिलकर झारखंड के युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीपी सिंह ने लहराया नोटों का बंडल, नौकरी बेचने के आरोप पर सीएम का पलटवार
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक सीपी सिंह के एक बयान से हंगामा और बढ़ गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। इतना कहते ही सत्ता पक्ष की ओर से विरोध शुरू हो गया। इसके बाद भाजपा विधायक भी वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इसी दौरान सीएम हेमंत सोरेन के संबोधन के वक्त सीपी सिंह ने 500 रुपये के नोटों का बंडल लहराया। उन्होंने सरकार पर पैसे लेकर नौकरी बेचने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री ने भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने भाजपा को ‘व्यापारियों की जमात’ बताते हुए कहा कि ये लोग पैसे के दम पर लोकतंत्र को खरीदना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने मंदिरों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने विपक्ष पर सदन की गरिमा तार-तार करने का आरोप लगाया और कहा कि जो लोग लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं, उनके घरों में भी अगर छापा पड़े तो वहां से नोटों के बंडल मिल सकते हैं।
RSS पर भी निशाना, कविता की पंक्तियों से विपक्ष पर तंज
सीएम हेमंत सोरेन ने अपने भाषण के दौरान भाजपा और RSS पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में कभी तिरंगा नहीं ढोने वाले भाजपा और RSS के लोग आज कंधों पर तिरंगा लेकर देश को दिग्भ्रमित करने में लगे हैं। उनके इस बयान के दौरान विपक्ष की ओर से लगातार नारेबाजी होती रही। भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के आखिर में कवि हूबनाथ पांडेय की कविता ‘गिरो’ की पंक्तियां पढ़कर विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “अभी और गिरने की संभावनाएं भरपूर हैं, इतना गिरो कि गुरुत्वाकर्षण बल भी शर्म के मारे गिर पड़े।”
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कविता की पंक्तियों के जरिए विपक्ष पर रुपये, चरित्र और गर्व के साथ गिरने का कटाक्ष किया। सदन में इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार नारेबाजी होती रही। आखिरकार हंगामा थमता नहीं देख संसदीय कार्यमंत्री ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का आग्रह किया। स्पीकर ने भारी मन से सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस तरह छात्रों के आंदोलन और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुए जोरदार टकराव के बीच मानसून सत्र अपने तय कार्यक्रम से एक दिन पहले ही खत्म हो गया।
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