Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 7 October, 2026 • 08:48 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » बिहार के किसान सीखेंगे तेलंगाना की खेती, वहां के किसान जानेंगे मखाने का हुनर
बिहार

बिहार के किसान सीखेंगे तेलंगाना की खेती, वहां के किसान जानेंगे मखाने का हुनर

August 12, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Patna/Hyderabad : बिहार और तेलंगाना के किसानों के लिए खेती के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। दोनों राज्यों के बीच कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने, किसानों को नई तकनीक से जोड़ने और एक-दूसरे के सफल कृषि प्रयोगों से सीखने पर सहमति बनी है। इसके तहत बिहार के किसान तेलंगाना जाकर ऑयल पाम की खेती और उससे जुड़े कामकाज को समझेंगे, जबकि तेलंगाना के किसान बिहार आकर मखाना की खेती, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंचाने के तरीकों की जानकारी लेंगे।

इसको लेकर बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को तेलंगाना सचिवालय, हैदराबाद में तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्मला नागेश्वर राव से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों के बीच हुई बैठक में किसानों के प्रशिक्षण, कृषि तकनीक, सफल प्रयोगों और खेती से जुड़ी नई जानकारी साझा करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में बिहार और तेलंगाना के कृषि विभाग के प्रधान सचिव, निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Advertisement

किसान दूसरे राज्य जाकर खेतों में देखेंगे नई तकनीक

बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि किसान दूसरे राज्यों में हो रहे अच्छे काम को सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि उसे मौके पर जाकर देखें और समझें। दोनों राज्यों के किसानों को प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण कराने की योजना पर सहमति बनी है। इससे किसान दूसरे राज्य में अपनाई जा रही खेती की तकनीक, फसल प्रबंधन और प्रसंस्करण के तरीकों को करीब से देख सकेंगे।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार और तेलंगाना की कृषि व्यवस्था की अपनी अलग पहचान है। दोनों राज्यों में किसानों ने अलग-अलग फसलों और तकनीकों के क्षेत्र में अच्छे प्रयोग किए हैं। ऐसे में एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करने से किसानों को काफी फायदा हो सकता है। दूसरे राज्य के किसान वहां की खेती देखकर यह भी समझ सकेंगे कि किसी तकनीक को अपने क्षेत्र की मिट्टी, मौसम और पानी की उपलब्धता के हिसाब से किस तरह अपनाया जा सकता है।

बिहार सरकार खेती में नई तकनीक के इस्तेमाल के साथ फसल में बदलाव, प्रसंस्करण, उत्पाद की कीमत बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। ऐसे में दूसरे राज्यों के सफल प्रयोगों से सीख लेकर उन्हें बिहार की जरूरत के अनुसार लागू करने की कोशिश की जाएगी।

बिहार के किसान सीखेंगे ऑयल पाम, तेलंगाना के किसान जानेंगे मखाना

दोनों राज्यों के बीच होने वाले किसान प्रशिक्षण में फसलों का आदान-प्रदान सबसे खास हिस्सा रहेगा। बिहार के किसानों को तेलंगाना ले जाकर ऑयल पाम की खेती के बारे में जानकारी दी जाएगी। किसान वहां ऑयल पाम की खेती के साथ उसके प्रसंस्करण, तेल निकालने की प्रक्रिया और इससे जुड़ी आधुनिक तकनीक को भी समझेंगे।

दूसरी ओर तेलंगाना के किसानों को बिहार लाया जाएगा। वे यहां मखाना की खेती से लेकर उसकी प्रोसेसिंग, उत्पाद तैयार करने, उसकी कीमत बढ़ाने और बाजार में बेचने के तरीकों को देखेंगे। बिहार में मखाना किसानों के लिए कमाई का एक महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में तेलंगाना के किसानों को बिहार के मखाना उत्पादन का अनुभव सीधे खेत और प्रसंस्करण केंद्रों में समझने का मौका मिलेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के बीच यह संपर्क केवल खेती की जानकारी तक सीमित नहीं रहेगा। इससे दोनों राज्यों के किसान एक-दूसरे के अनुभव और व्यावहारिक तरीकों को समझ सकेंगे। इसका फायदा आगे चलकर कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और किसानों की कमाई बढ़ाने में मिल सकता है।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों के बीच भी होगा अनुभव साझा

दोनों राज्यों के बीच कृषि सहयोग का दायरा किसानों तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा। कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों और तकनीकी संस्थानों के बीच भी जानकारी और अनुभव साझा किए जाएंगे। किसी राज्य में अगर कोई कृषि तकनीक या प्रयोग सफल होता है तो उसके बारे में दूसरे राज्य के अधिकारियों और विशेषज्ञों को जानकारी दी जाएगी।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज खेती के सामने मौसम में बदलाव समेत कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में किसानों को नई तकनीक और बेहतर खेती के तरीकों की जानकारी देना जरूरी है। अलग-अलग राज्यों में किए जा रहे सफल प्रयोगों से सीख लेकर किसानों की स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बिहार और तेलंगाना के बीच कृषि क्षेत्र में शुरू होने वाला यह सहयोग आने वाले दिनों में किसानों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। दोनों राज्यों के किसान एक-दूसरे से सीखेंगे और अपनी जरूरत के हिसाब से बेहतर खेती के तरीके अपनाएंगे। इससे खेती को अधिक उत्पादक बनाने के साथ फसल के बाद उसके प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। किसानों के प्रशिक्षण और अनुभव के इस आदान-प्रदान से दोनों राज्यों की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : बुजुर्ग बोझ नहीं, जिम्मेदारी हैं… मंत्री श्वेता गुप्ता ने खींचा सुविधाओं का खाका

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleबुजुर्ग बोझ नहीं, जिम्मेदारी हैं… मंत्री श्वेता गुप्ता ने खींचा सुविधाओं का खाका
Next Article श्रावणी मेला : कांवड़ियों को नहीं होगी परेशानी, मंत्री संजय सिंह ने संभाली कमान

Related Posts

देश

दिल्ली में बड़ा हादसा, सीमापुरी में चार मंजिला इमारत ढही; बच्चे समेत 7 घायल, रेस्क्यू जारी

October 7, 2026
Headlines

दिल्ली और गांव की दूरी मिटाने आया ‘येलोडॉट्स’, हर नौजवान को मिलेगा IIT का साथ और डिजिटल उस्ताद

October 7, 2026
अन्य खबरें

CJI, राजपाल यादव और शेक्सपियर का कनेक्शन: सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई क्यों है खास

October 7, 2026
Advertisement
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

दिल्ली में बड़ा हादसा, सीमापुरी में चार मंजिला इमारत ढही; बच्चे समेत 7 घायल, रेस्क्यू जारी

October 7, 2026

दिल्ली और गांव की दूरी मिटाने आया ‘येलोडॉट्स’, हर नौजवान को मिलेगा IIT का साथ और डिजिटल उस्ताद

October 7, 2026

रांची पहुंची टीम इंडिया और वेस्टइंडीज, 9 अक्टूबर को JSCA में होगा महामुकाबला

October 7, 2026

CJI, राजपाल यादव और शेक्सपियर का कनेक्शन: सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई क्यों है खास

October 7, 2026

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.