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Chamoli (Uttarakhand) : उत्तराखंड के चमोली जिले में बीते शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। पीपलकोटी के पास मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। इसके बाद सुरंग के अंदर मलबा गिरा और वहां काम कर रहे करीब 28 मजदूर फंस गए। देर रात तक चले राहत और बचाव अभियान में 25 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल हैं। सुरंग में फंसे बाकी लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर सर्विस और मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया। चमोली के डीएम गौरव कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की। टीएचडीसी की मशीनरी और कर्मचारियों को भी रेस्क्यू में लगाया गया है।
अचानक बढ़ा पानी का बहाव, मलबे में फंसे मजदूर
टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक परियोजनाएं कुमार शरद के मुताबिक, हादसा विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेलरेस सुरंग में हुआ। गुरुवार शाम सुरंग में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। पानी बढ़ने से सुरंग के अंदर एक कैविटी बनी और इसके बाद मलबा गिर गया। इसी दौरान वहां काम कर रहे करीब 28 मजदूर फंस गए। घटना के बाद सुरंग के बाहर मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी। कुछ ही देर में बचाव दल मौके पर पहुंच गए। सुरंग के अंदर पानी और मलबा होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। कुमार शरद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बारिश की संभावना को देखते हुए परियोजना में काम रोकने की संभावना पर भी विचार किया गया था। हालांकि हादसे के समय जरूरी सुरक्षा सावधानियों के साथ काम किया जा रहा था। उनके अनुसार, अचानक पानी का प्रवाह बढ़ने से यह हादसा हुआ।
7 की मौत, 18 घायल… अस्पतालों को किया गया अलर्ट
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रात 11 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, सुरंग में फंसे 28 मजदूरों में से 25 को बाहर निकाला जा चुका था। इनमें 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल अवस्था में बाहर आए। घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर ले जाया गया। घायलों की स्थिति को देखते हुए बेस चिकित्सालय श्रीनगर और एम्स ऋषिकेश को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने कहा है कि अगर किसी घायल की हालत गंभीर होती है तो उसे तुरंत बड़े अस्पताल में भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरंग में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाहर निकाले गए मजदूरों से भी बातचीत की और उनका हाल जाना। उन्होंने मजदूरों का हौसला बढ़ाया और कहा कि सरकार प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने घायलों के इलाज के साथ भोजन, दवाइयों और रहने की व्यवस्था का भी ध्यान रखने को कहा।
राज्यपाल ने ली जानकारी, झारखंड और छत्तीसगढ़ के CM से भी बात
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेवानिवृत्त ने भी हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव से बात कर घटना और राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि सुरंग में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित मजदूरों को लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी फोन पर बात की। उन्होंने दोनों राज्यों को बचाव अभियान की जानकारी दी और प्रभावित मजदूरों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर सर्विस और चिकित्सा दल तैनात हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनों से मलबा हटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सुरंग में फंसे सभी लोगों का पता नहीं चल जाता।
हादसे से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। लोगों की मदद के लिए 1070, 0135-2710334 और 82188 67005 पर संपर्क किया जा सकता है।
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