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Home » 10 साल बाद फिर उफान पर ‘कोयल’, कई इलाके जलमग्न
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10 साल बाद फिर उफान पर ‘कोयल’, कई इलाके जलमग्न

August 14, 2026No Comments4 Mins Read
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कोयल
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Palamu : पलामू में शुक्रवार की सुबह कोयल नदी ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखा दिया। ऊपरी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि मेदिनीनगर के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया। करीब 10 साल बाद कोयल नदी इस तरह उफान पर है। नदी अब खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। कांदु मोहल्ला, गिरवर स्कूल रोड, शिवाला घाट, मुस्लिम नगर और पहाड़ी मोहल्ला समेत कई इलाकों में पानी भर गया है। कई घरों और सड़कों पर पानी पहुंच गया। मेदिनीनगर का कोयल रिवर फ्रंट भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नदी किनारे बनी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। अचानक आई बाढ़ से लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सुबह 3 बजे तक सामान्य था पानी, आधे घंटे में तेजी से बढ़ा जलस्तर

स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे तक कोयल नदी का जलस्तर सामान्य था। इसके बाद 3:30 से 4 बजे के बीच नदी का पानी अचानक तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही देर में नदी का पानी किनारे से बाहर निकलकर आसपास के निचले इलाकों में पहुंच गया। इस अचानक बढ़े पानी ने लोगों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। पहाड़ी मोहल्ला और मुस्लिम नगर के कई हिस्सों में पानी भर गया। कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं। घरों के आसपास भी पानी जमा हो गया। लोगों को जब तक स्थिति समझ में आती, तब तक नदी का पानी काफी बढ़ चुका था। इस साल अब तक बारिश कम होने के कारण लोगों को ऐसी बाढ़ की उम्मीद नहीं थी। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग कोयल नदी का हाल देखने के लिए किनारे पहुंच गए। हालांकि नदी में तेज बहाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया।

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लातेहार, गुमला और लोहरदगा की बारिश का पलामू में दिखा असर

कोयल नदी के अचानक उफान पर आने के पीछे ऊपरी इलाकों में हुई लगातार बारिश को मुख्य वजह माना जा रहा है। लातेहार, गुमला और लोहरदगा के ऊपरी हिस्सों में हुई तेज बारिश का पानी कोयल नदी में तेजी से पहुंचा। इसका असर पलामू में दिखाई दिया और कुछ ही घंटों में नदी का जलस्तर काफी ऊपर पहुंच गया। पलामू में कोयल नदी को जिले की जीवनरेखा माना जाता है। आम दिनों में शांत रहने वाली नदी बारिश के दौरान कई बार अपना रूप बदल लेती है। लेकिन इस बार करीब एक दशक बाद नदी में जिस तरह पानी बढ़ा है, उससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कोयल रिवर फ्रंट का पूरा हिस्सा पानी में डूब चुका है। नदी किनारे घूमने और बैठने के लिए बनाए गए स्थान भी पानी में समा गए हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि इतनी तेजी से पानी बढ़ते उन्होंने लंबे समय बाद देखा है।

प्रशासन ने नदी किनारे जाने से रोका, गोताखोर और मजिस्ट्रेट तैनात

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस की ओर से माइकिंग कर लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे नदी का बढ़ता पानी देखने के लिए किनारे पर भीड़ न लगाएं। नदी किनारे गोताखोरों और मजिस्ट्रेट की टीमों को तैनात किया गया है। प्रशासन की नजर उन इलाकों पर है, जहां पानी तेजी से बढ़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जा रही है। अचानक बढ़े जलस्तर ने प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है। अगर ऊपरी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कोयल नदी का पानी और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील कर रहा है।

इसे भी पढ़ें : ‘एक भी ढेला बाहर नहीं जाने देंगे’, झामुमो ने केंद्र के खिलाफ फूंका उलगुलान का बिगुल

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