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Patna : दिनभर तिरंगे, देशभक्ति के गीत और आजादी का जश्न… लेकिन बिहार लोक भवन में शुक्रवार की शाम का रंग कुछ अलग था। यहां उत्सव से ज्यादा उन चेहरों और उन कहानियों को याद किया गया, जिनकी वजह से आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। मंच पर देशभक्ति के गीत गूंजे तो सामने बैठे लोगों की आंखों के सामने आजादी की लड़ाई लड़ने वाले वीरों की तस्वीरें जैसे ताजा हो गईं। मौका था ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का। बिहार लोक भवन और कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और CM सम्राट चौधरी शामिल हुए। दोनों ने देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ न्योछावर करने वाले शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कर्नल वीपी सिंह और उनकी टीम ने जब देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद किया तो माहौल में एक अलग ही भाव पैदा हो गया। गीतों के बीच बार-बार यही अहसास होता रहा कि आजादी सिर्फ इतिहास की किताब का एक अध्याय नहीं है। इसके पीछे हजारों परिवारों की खुशियां, अनगिनत लोगों के सपने और न जाने कितनी कुर्बानियां छिपी हैं।

किसी ने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया, इसलिए हम ले रहे खुली हवा में सांस
कार्यक्रम में CM सम्राट चौधरी ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी असंख्य राष्ट्रभक्तों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का नतीजा है। जिन लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने झुकने से इनकार किया, उनमें से कई वापस अपने घर नहीं लौट पाए। किसी मां का बेटा गया, किसी पत्नी का सुहाग छूटा और किसी बच्चे ने अपने पिता का चेहरा फिर कभी नहीं देखा। लेकिन उन परिवारों ने देश की आजादी के लिए अपने दुख को भी सह लिया।
CM ने कहा कि शहीदों के बलिदान के कारण ही आज देश स्वतंत्र और सुरक्षित है। स्वतंत्रता दिवस हमें सिर्फ जश्न मनाने का मौका नहीं देता, बल्कि उन वीर सपूतों को याद करने की जिम्मेदारी भी देता है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना जीवन तक कुर्बान कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज जब हम बिना किसी डर के अपनी बात कह सकते हैं, अपने सपनों के पीछे भाग सकते हैं और तिरंगे को गर्व से देख सकते हैं, तो इसके पीछे उन लोगों की कुर्बानी है, जिन्होंने अपने वर्तमान को देश के भविष्य के लिए दांव पर लगा दिया था।

80 साल में बदला देश, लेकिन शांति का संदेश आज भी सबसे जरूरी
CM ने कहा कि इस साल देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आजादी के बाद इन 80 वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में बड़ी प्रगति की है। देश ने कई मुश्किल दौर देखे, लेकिन हर चुनौती के बाद और मजबूत होकर सामने आया।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अशांति का माहौल है। ऐसे समय में भारत पूरी दुनिया को मानवता और शांति का संदेश दे रहा है। देश की ताकत सिर्फ उसकी सीमाओं की सुरक्षा में नहीं, बल्कि इंसानियत और शांति के विचार में भी है।
बिहार लोक भवन में मौजूद लोगों के लिए यह बात इसलिए भी खास थी, क्योंकि आजादी का मतलब हर पीढ़ी के लिए अलग हो सकता है। बुजुर्गों के लिए यह उन दिनों की याद है, जब देश गुलाम था। युवाओं के लिए यह उन शहीदों को समझने का मौका है, जिनकी वजह से उन्हें आजादी मिली। बच्चों के लिए तिरंगा शायद गर्व की निशानी है, लेकिन उसके पीछे की कहानी उन्हें बताना भी उतना ही जरूरी है।

शहीदों के सपनों का भारत बनाना अब हमारी जिम्मेदारी
CM सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया गया है। इसके साथ ही पूर्व CM नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का संकल्प लिया है। इन दोनों संकल्पों को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि बिहार को भी आगे बढ़ाना है और राज्य को विकसित एवं समृद्ध बनाना है। सरकार अपने स्तर पर काम करेगी, लेकिन इसमें समाज के हर व्यक्ति की भूमिका जरूरी है। आखिर जिन शहीदों ने देश के लिए अपनी जान दे दी, उनके सपनों का भारत बनाने की जिम्मेदारी अब हमारे कंधों पर है।

मंच पर गीत थे, लेकिन हर गीत के पीछे एक कहानी थी
कर्नल वीपी सिंह और उनकी टीम की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहने दिया। देशभक्ति गीतों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद किया गया। एक के बाद एक प्रस्तुति के साथ माहौल में देश के लिए कुछ कर गुजरने का भाव दिखाई दिया।
कई बार इतिहास की बड़ी घटनाएं किताबों के पन्नों में सिमट जाती हैं। लेकिन ऐसे कार्यक्रम उन कहानियों को फिर लोगों के बीच ले आते हैं। जब कोई गीत शहीदों के नाम होता है तो उसके पीछे सिर्फ संगीत नहीं होता, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा भी होती है जिन्होंने देश के लिए अपने अपनों को खोया।
यही वजह रही कि 15 अगस्त की यह शाम सिर्फ तालियों और गीतों की शाम नहीं थी। यह उन लोगों को याद करने की शाम थी, जिनके हिस्से में आजादी का जश्न नहीं आया, लेकिन जिनकी कुर्बानी ने देश को आजादी का जश्न मनाने का हक दिया।

देश की रक्षा करने वालों को भी सलाम
CM ने देश की रक्षा में जुटे सैनिकों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वालों का सम्मान हम सभी करते हैं। आजादी की लड़ाई में अपने प्राण देने वाले वीरों से लेकर आज सीमा पर देश की रक्षा कर रहे जवानों तक, राष्ट्र के लिए समर्पित हर व्यक्ति सम्मान का हकदार है।
बिहार लोक भवन में आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के बीच एक जरूरी बात याद दिलाई। आजादी हमें विरासत में मिली जरूर है, लेकिन इसे मजबूत बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। शहीदों की कुर्बानी को याद करने का सबसे सही तरीका यही है कि हम देश की एकता, अखंडता और शांति को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं।
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