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Dhanbad : सुबह का समय था। स्कूल परिसर में बच्चों की चहल-पहल थी और हर तरफ तिरंगे के रंग नजर आ रहे थे। किसी के हाथ में छोटा सा तिरंगा था तो कोई देशभक्ति गीत की प्रस्तुति के लिए तैयार था। चेहरे पर उत्साह था और दिल में देश के लिए कुछ करने का जज्बा। मौका था 15 अगस्त का। गोविंदपुर स्थित ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह इसी उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया।
स्कूल परिसर में जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। राष्ट्रगान की धुन के बीच हर कोई सम्मान के साथ खड़ा था। इसके बाद शुरू हुआ कार्यक्रमों का सिलसिला, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा के साथ देश के वीरों को याद किया और यह भी बताया कि आजादी का मतलब सिर्फ एक दिन तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझना भी है।

तिरंगा फहराया तो बच्चों को समझ आया जिम्मेदारी का मतलब
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. एस. खालिद ने ध्वजारोहण कर किया। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उनकी बातों में बच्चों के लिए एक सीधा सा संदेश था कि देश का भविष्य सिर्फ बड़े नेताओं या अधिकारियों के हाथ में नहीं है। आज स्कूल में पढ़ रहा हर बच्चा कल देश की जिम्मेदारी संभालेगा।
उन्होंने बच्चों से कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के साथ देश के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा। अच्छी पढ़ाई के साथ अच्छा इंसान बनना और समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनना भी उतना ही जरूरी है। बच्चों ने भी पूरे ध्यान से उनकी बातें सुनीं।

प्रधानाचार्या चांदनी त्रिगुणायत ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को याद करते हुए बच्चों को बताया कि जिस आजादी में हम आज खुलकर सांस ले रहे हैं, उसके पीछे अनगिनत लोगों का संघर्ष और बलिदान है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शहीदों को याद करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि हम अपने देश के लिए ईमानदारी से काम करें और एक अच्छे नागरिक बनें।
उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। उनकी सोच, उनकी मेहनत और उनके संस्कार ही आने वाले भारत की तस्वीर बनाएंगे। यही वजह है कि छोटी उम्र से ही बच्चों में जिम्मेदारी और देश के प्रति सम्मान की भावना पैदा करना जरूरी है।

गीत शुरू हुए तो पूरा माहौल देशभक्ति में डूब गया
ध्वजारोहण और संबोधन के बाद जब बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शुरू हुईं तो स्कूल का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। किसी ने देशभक्ति गीत गाया तो किसी ने नृत्य के जरिए देश के प्रति अपना प्रेम दिखाया। बच्चों के सामूहिक नृत्य ने खूब तालियां बटोरीं। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति के दौरान कई अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।
भाषण और देशभक्ति पर आधारित नाटक ने भी सभी का ध्यान खींचा। मंच पर बच्चों ने अपने अभिनय के जरिए देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की। छोटे-छोटे बच्चों की प्रस्तुति में जिस तरह आत्मविश्वास नजर आया, उसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन जीत लिया।
स्कूल की चेयरपर्सन डॉ. निकहत परवीन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बच्चों की मेहनत में दिखी आजादी की खुशी
इस पूरे आयोजन में सबसे खास बात यह रही कि कार्यक्रम सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहा। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए आजादी के महत्व को महसूस किया। शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए काफी मेहनत की। बच्चों को गीत, नृत्य, भाषण और नाटक के लिए तैयार करने से लेकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तक शिक्षक जुटे रहे।
स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन बच्चों के लिए सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि देश को समझने और अपने भीतर जिम्मेदारी की भावना पैदा करने का मौका भी बना। तिरंगे के नीचे खड़े बच्चों के चेहरों पर दिख रही खुशी बता रही थी कि उनके लिए 15 अगस्त सिर्फ छुट्टी का दिन नहीं है। यह वह दिन है, जब वे अपने देश के उन वीरों को याद करते हैं, जिनकी कुर्बानी से उन्हें आजाद भारत में सपने देखने और उन्हें पूरा करने का मौका मिला है।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल परिवार ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा अपने स्तर पर राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया। गोविंदपुर के ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस बच्चों के लिए देशभक्ति, जिम्मेदारी और अच्छे नागरिक बनने की सीख छोड़ गया।

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