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Ranchi : रात का वक्त था। शहर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां चल रही थीं और पुलिस सड़कों से लेकर होटल, लॉज और गेस्ट हाउस तक नजर रख रही थी। तभी रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को एक ऐसी सूचना मिली, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी। खबर थी कि होटल के कमरों में जिस्मफरोशी का गंदा धंधा चल रहा है। एसएसपी ने देर नहीं की। रात करीब एक बजे टीम कोतवाली थाना क्षेत्र के एक निजी होटल में पुलिस की टीम ने धावा बोला।
दरवाजा खुला तो पुलिस की टीम एक-एक कर कमरों की तलाशी लेने लगी। होटल के पांच कमरों की जांच हुई। अलग-अलग कमरों में युवक और युवतियां मिले। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, कैश और आपत्तिजनक सामान मिलने की बात पुलिस ने कही। इसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ शुरू हुई तो कहानी सिर्फ एक होटल तक सीमित नहीं रही।
पुलिस को एक नाम बार-बार सुनाई देने लगा, राजन। एक युवती ने बताया कि वह राजन के जरिए होटल पहुंची थी। पुलिस ने इसी जानकारी को आधार बनाकर आगे की कड़ियां जोड़नी शुरू की। कुछ घंटे बाद जांच लालपुर के एक निजी गेस्ट हाउस तक पहुंच गई।
रात एक बजे होटल में दबिश, पांच कमरों की तलाशी से शुरू हुई कहानी
एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। कार्यपालक दंडाधिकारी जफर हसनात और कोतवाली एएसपी निखिल राय की मौजूदगी में रात करीब एक बजे कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित होटल सनराइज रेसीडेंसी में छापेमारी की गई।
पुलिस टीम ने होटल के पांच कमरों की तलाशी ली। जांच के दौरान युवक-युवतियां मिले। पुलिस के मुताबिक पांच युवतियां पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। उनके साथ मिले लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने मोबाइल फोन, नकदी और आपत्तिजनक सामान बरामद करने का दावा किया है।
गिरफ्तार युवतियों की पहचान आंचल कुमारी बेहरा, प्रियंका दास, नंदिता पाइक, संगीता साहा और ईशानी मंडल के रूप में हुई है। इनके अलावा उज्जवल मंडल, शुभम मंडल, सुनील कुमार नायक और अमित कुमार के नाम भी सामने आए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी शक हुआ कि होटल में कमरा लेने के लिए कुछ मामलों में दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल किया गया। अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कमरे किस नाम पर बुक किए गए थे और होटल के रिकॉर्ड में क्या दर्ज है।
पुलिस के अनुसार ग्राहकों से मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया जाता था। बातचीत के बाद उन्हें होटल में कमरे उपलब्ध कराए जाते थे। पूछताछ में होटल मैनेजर की भूमिका सामने आने की बात भी पुलिस ने कही है।
एक युवती के बयान ने खोली दूसरी कड़ी, तीन बजे गेस्ट हाउस पहुंची पुलिस
होटल में पूछताछ के दौरान एक युवती ने राजन का नाम लिया। बस यहीं से पुलिस को लगा कि मामले की जड़ें कहीं और भी हैं। पुलिस ने राजन के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो पता चला कि उसका नाम रांची में पहले से चल रहे एक कथित नेटवर्क से जुड़ता रहा है।
पुलिस अभी इस जानकारी की पूरी तरह जांच कर रही है। इसी दौरान लालपुर थाना क्षेत्र के एक निजी गेस्ट हाउस को लेकर भी पुलिस को सूचना मिली। कोतवाली के सहायक पुलिस अधीक्षक निखिल राय के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई और तड़के करीब तीन बजे गेस्ट हाउस में छापेमारी कर दी गई।
रिसेप्शन पर मौजूद संचालक से पूछताछ हुई। इसके बाद पुलिस पहली मंजिल के कमरों तक पहुंची। एक कमरे में एक युवक और एक युवती मिले। दूसरे कमरे में दो युवतियां मिलीं। तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामान बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस ने गेस्ट हाउस संचालक, एक युवक और तीन युवतियों को गिरफ्तार कर लिया।
ग्राहकों से सौदा तय करने से लेकर कैब तक, पूछताछ में सामने आया तरीका
पूछताछ में पुलिस को नेटवर्क के काम करने के तरीके को लेकर अहम जानकारी मिलने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक युवतियों ने बताया कि राजन ग्राहकों से बातचीत करता था। बातचीत के बाद सौदा तय किया जाता था और फिर युवतियों को होटल या गेस्ट हाउस तक पहुंचाया जाता था।
इसके लिए कैब चालकों की मदद लिए जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। यानी ग्राहक से बातचीत कहीं और, सौदा फोन पर और फिर युवतियों को कैब के जरिए तय ठिकाने तक पहुंचाने का आरोप है। पुलिस अब यह पता कर रही है कि इस काम में कौन-कौन से लोग लगातार जुड़े हुए थे।
पूछताछ में भुगतान को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार एक युवती को 13 दिनों के लिए 50 हजार रुपये और दूसरी को 15 दिनों के लिए 60 हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। रांची में रहने और खाने-पीने की व्यवस्था गेस्ट हाउस संचालक की ओर से किए जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
अब राजन की तलाश में जुटी पुलिस
दोनों जगहों पर कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। क्या राजन ही पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी था? बाहर से युवतियों को रांची कौन बुलाता था? ग्राहकों की जानकारी कहां से मिलती थी? होटल और गेस्ट हाउस में कमरे कौन उपलब्ध कराता था? क्या इस नेटवर्क में और होटल संचालक या बिचौलिए भी जुड़े हैं?
इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है। मोबाइल फोन की जांच से भी कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी देख रही है कि किन नंबरों पर लगातार बातचीत हुई और किन लोगों से संपर्क किया गया।
पुलिस के अनुसार राजन के खिलाफ लालपुर थाने में पहले से मामले दर्ज हैं। फिलहाल वह फरार है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
कोतवाली एएसपी निखिल राय ने बताया कि दोनों मामलों में जांच जारी है। पूछताछ में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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