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Ranchi : सुबह का माहौल था, परिसर में उत्साह था और नजरें तिरंगे पर टिकी थीं। जैसे ही IIIT रांची के दोनों परिसरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। राष्ट्रगान की धुन के बीच हर किसी के चेहरे पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। मौका था 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने ध्वजारोहण किया। शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी इस खास मौके के गवाह बने।
यह समारोह तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान के साथ आजादी के उस एहसास को महसूस कराने की कोशिश दिखी, जो हमें अपने फैसले लेने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का मौका देता है। साथ ही यह बात भी सामने आई कि आजादी के साथ जिम्मेदारी भी आती है और देश के भविष्य को बेहतर बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।

तिरंगे के सामने लिया जिम्मेदारी से आगे बढ़ने का संकल्प
ध्वजारोहण के बाद संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों और संस्थान परिवार को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझाते हुए कहा कि आजादी का असली मतलब तभी पूरा होता है, जब हम अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें।
उन्होंने विद्यार्थियों को केवल किताबी पढ़ाई तक सीमित न रहने की सीख दी। लगातार सीखते रहने, नई चीजों को समझने, रचनात्मक सोच रखने और अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल समाज और देश के काम में लगाने की बात कही। उनके संबोधन में यह संदेश साफ था कि आज के विद्यार्थी ही कल देश की दिशा तय करेंगे।

समारोह में मौजूद विद्यार्थियों के लिए भी यह मौका खास था। कॉलेज के माहौल में आम दिनों में पढ़ाई, प्रोजेक्ट और परीक्षाओं की चर्चा होती है, लेकिन इस दिन परिसर का माहौल बिल्कुल अलग नजर आया। तिरंगा, राष्ट्रगान और स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी बातें हर किसी को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास करा रही थीं।
गीतों की धुन से लेकर नाटक के मंच तक, विद्यार्थियों ने जीता दिल
ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई तो माहौल और भी रंगीन हो गया। साज़ संगीत क्लब के विद्यार्थियों ने संगीतमय प्रस्तुति दी। गीतों की धुन के साथ कार्यक्रम में बैठे लोग भी प्रस्तुति से जुड़ते नजर आए। इसके बाद नृत्यराशी क्लब के विद्यार्थियों ने नृत्य पेश किया। मंच पर कदमों की थिरकन और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास देखने लायक था।
अल्फाज क्लब ने विशेष भाषण प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपनी बातों के जरिए स्वतंत्रता के महत्व और देश के प्रति जिम्मेदारियों को सामने रखा। इसके बाद अभिनय क्लब ने नाट्य प्रस्तुति दी। मंच पर कहानी और अभिनय के जरिए ऐसा माहौल बनाया गया कि दर्शक कुछ देर के लिए उसी कहानी का हिस्सा बन गए।
इन प्रस्तुतियों की खास बात यह रही कि मंच पर नजर आने वाले विद्यार्थी सिर्फ कलाकार नहीं थे, बल्कि वे अपने विचार भी लोगों तक पहुंचा रहे थे। किसी ने संगीत के जरिए अपनी बात कही तो किसी ने नृत्य के जरिए, किसी ने भाषण दिया और किसी ने अभिनय के माध्यम से संदेश पहुंचाया।

खेल मैदान में भी दिखा उत्साह, विजेताओं को मिला सम्मान
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पढ़ाई और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेलों को भी खास जगह दी गई। 12 से 14 अगस्त के बीच आयोजित ‘प्ले फॉर इंडिया’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फुटसल से लेकर शतरंज तक और टेबल टेनिस से लेकर वॉलीबॉल व कैरम तक कई प्रतियोगिताएं हुईं।
खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वालों के लिए यह सिर्फ जीत और हार का मुकाबला नहीं था। मैदान में साथियों के साथ खेलने, एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाने और अपनी क्षमता दिखाने का मौका भी मिला। स्वतंत्रता दिवस समारोह में इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार मिलने के बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। उनके लिए मंच पर सम्मान मिलना एक यादगार पल रहा। वहीं दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी यह संदेश था कि कॉलेज की जिंदगी में पढ़ाई के साथ खेल और दूसरी गतिविधियों के लिए भी जगह बनाना जरूरी है।

समारोह ने छोड़ी यादगार छाप
कार्यक्रम के आखिर में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। लेकिन तब तक परिसर में स्वतंत्रता दिवस की रंगत पूरी तरह घुल चुकी थी। तिरंगे के नीचे शुरू हुआ दिन गीत, नृत्य, भाषण, नाटक और खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ यादगार बन गया।
IIT रांची का यह आयोजन अपने आप में इस बात की तस्वीर पेश करता नजर आया कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व मनाने का दिन नहीं है। यह उस जिम्मेदारी को याद करने का भी अवसर है, जो हर नागरिक के हिस्से आती है। खासकर विद्यार्थियों के लिए यह समझने का मौका है कि आज जो अवसर उन्हें मिले हैं, उन्हें मेहनत और सही दिशा में इस्तेमाल कर देश के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां और खेल विजेताओं की खुशी ने मिलकर इसे ऐसा आयोजन बना दिया, जिसकी याद लंबे समय तक परिसर से जुड़े लोगों के साथ रहेगी।

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