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Ranchi : रांची के IIIT यानी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के कैंपस में आज चारों तरफ एक अलग ही उत्साह और एक खास जिम्मेदारी का अहसास तैर रहा था। मौका था ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत आयोजित एक खास वर्चुअल कार्यक्रम का, जिसमें देश भर के साथ-साथ ट्रिपल आईटी रांची के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भी एक ही छत के नीचे जुटे। सबकी नजरें बड़ी स्क्रीन पर टिकी थीं, जहां से देश के प्रधानमंत्री युवाओं से सीधे मुखातिब हो रहे थे।
पीएम के बोल और युवाओं का नया भरोसा
कार्यक्रम की शुरुआत से ही हर कोई बड़े ध्यान से प्रधानमंत्री का संबोधन सुन रहा था। पीएम ने जब नशा-मुक्त भारत के निर्माण की बात की, तो पूरे हॉल में एक अलग ही खामोशी और गंभीरता छा गई। उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में समझाया कि नशे जैसी बड़ी समस्या से कोई अकेला नहीं लड़ सकता। इसके लिए परिवार, स्कूल-कॉलेज और पूरे समाज को एक साथ खड़ा होना पड़ेगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे एक स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली को अपनी पहचान बनाएं। पीएम का यह संदेश वहां मौजूद हर छात्र के दिल को छू गया और हर किसी ने माना कि बदलाव की शुरुआत खुद से ही होती है।

क्लासरूम से आगे बढ़कर समाज बदलने की सोच
IIIT रांची हमेशा से ही पढ़ाई और टेक्नोलॉजी में आगे रहा है, लेकिन इस कार्यक्रम ने दिखाया कि यहां के युवा सामाजिक जिम्मेदारियों में भी किसी से पीछे नहीं हैं। संस्थान के प्रोफेसरों से लेकर कर्मचारियों और युवा छात्रों तक, सबने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस भागीदारी से संस्थान ने साफ संदेश दिया कि वे न केवल तकनीकी शिक्षा दे रहे हैं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहे हैं। कैंपस के युवाओं ने यह तय किया है कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में सिर्फ एक दर्शक बनकर नहीं रहेंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएंगे।

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