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Ranchi : झारखंड के प्रतियोगी छात्रों की जिस मांग पर 17 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया था, उसका सरकारी आदेश अब 18 अगस्त की रात जारी हो गया है। JPSC और JSSC की परीक्षा में अनियमितता को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग को सरकार ने गंभीरता से लिया और अब अधिसूचना जारी कर 22 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लागू कर दिया है। यानी मुख्यमंत्री के ऐलान के अगले ही दिन सरकार ने उसे कागज पर उतार दिया। रद्द होने वाली परीक्षाओं में JPSC की कई अहम भर्ती परीक्षाओं के साथ JSSC CGL 2023 और JET 2024 भी शामिल हैं। सरकार ने कुछ परीक्षाओं को अगले आदेश तक रोकने, पुरानी परीक्षाओं की CID जांच कराने और JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है। छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच सरकार का यह फैसला अब उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी खबर है, जो निष्पक्ष परीक्षा और अपने भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठा रहे थे।
विश्वविद्यालयों की भर्ती से लेकर मेडिकल कॉलेज की परीक्षा तक रद्द
सरकार ने JPSC की ओर से आयोजित आठ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें झारखंड के विश्वविद्यालयों में नॉन टीचिंग पदों की भर्ती परीक्षा भी शामिल है। इसके अलावा असिस्टेंट डायरेक्टर और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर की बैकलॉग और रेगुलर भर्ती, ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की बैकलॉग भर्ती, सरकारी पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर की बैकलॉग और रेगुलर भर्ती तथा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। इन भर्तियों के विज्ञापन नंबर 09/2025, 10/2025, 11/2025, 12/2025, 02/2026, 03/2026, 04/2026 और 07/2026 हैं।

सिविल जज और सिविल सर्विस परीक्षा भी रद्द
सरकार ने आठ अन्य परीक्षाओं को भी रद्द किया है। इनमें सिविल जज जूनियर डिवीजन, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की भर्ती शामिल है।
असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की बैकलॉग और रेगुलर भर्ती परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। इसके अलावा झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2025, बैकलॉग परीक्षा 2025 और बैकलॉग परीक्षा 2023 को भी निरस्त किया गया है।
इन परीक्षाओं को लेकर CID की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और अनियमितता की शिकायतों को सरकार ने कार्रवाई का आधार बनाया है।

फूड सेफ्टी ऑफिसर और CDPO की भर्ती भी निरस्त
एक अन्य आदेश में सरकार ने तीन और परीक्षाओं को रद्द करने की जानकारी दी है। इनमें फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर भर्ती और कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2023 शामिल हैं। इन तीनों परीक्षाओं के विज्ञापन क्रमश: 18/2023, 21/2023 और 01/2024 हैं।

छह परीक्षाओं पर फिलहाल रोक, एजेंसी की होगी जांच
कुछ परीक्षाओं को सरकार ने रद्द नहीं किया है, बल्कि अगले आदेश तक उनकी प्रक्रिया रोक दी है। इनमें फूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर और समकक्ष पद, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक इन परीक्षाओं का शुरुआती काम TDPL से अलग किसी अन्य एजेंसी ने किया था। अब उस एजेंसी के Credentials की जांच CID करेगी।
जांच पूरी होने तक इन परीक्षाओं से जुड़ा आगे का काम रोक दिया गया है। यानी इन पदों के अभ्यर्थियों को फिलहाल अगली सूचना का इंतजार करना होगा।

पुरानी परीक्षाओं पर भी सरकार की नजर
सरकार ने सिर्फ 2023, 2024, 2025 और 2026 की परीक्षाओं पर ही कार्रवाई नहीं की है। JPSC की कई साल पुरानी परीक्षाओं में भी संभावित गड़बड़ी की जांच का आदेश दिया गया है।
इनमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2013, सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती 2015, सिविल जज स्पेशल भर्ती 2015, सॉयल कंजर्वेशन ऑफिसर भर्ती 2015 और असिस्टेंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर तथा समकक्ष पदों की भर्ती शामिल है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती 2016, डेंटिस्ट भर्ती 2016, कंबाइंड सिविल सर्विसेज बैकलॉग भर्ती 2017, कमर्शियल टैक्सेस लिमिटेड परीक्षा 2010 और कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा 2016 की भी जांच होगी।
इसके अलावा जियोलॉजिस्ट और केमिस्ट भर्ती, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर भर्ती 2018, सिविल जज भर्ती 2018, कंबाइंड असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती 2019, कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा 2021 और डेंटल डॉक्टर भर्ती 2022 को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

6th Limited Deputy Collector और JET 2024 भी रद्द
सरकार ने 6th Limited Deputy Collector भर्ती परीक्षा और Jharkhand Eligibility Test 2024 को भी रद्द कर दिया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि इन परीक्षाओं में TDPL अथवा अन्य विवादित एजेंसी की ओर से आंशिक रूप से काम किया गया था। साथ ही JPSC को लेकर चल रही CID जांच में सरकार के सामने आए तथ्यों को देखते हुए दोनों परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया।

JSSC CGL 2023 को भी किया गया रद्द
JPSC के साथ JSSC की CGL परीक्षा को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित CGL परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि इस परीक्षा में अनियमितता की शिकायत के बाद SIT जांच कर रही थी। इसी जांच और JPSC से जुड़ी CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर CGL परीक्षा को निरस्त किया गया है।
इस फैसले के बाद CGL अभ्यर्थियों के बीच आगे की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब नई परीक्षा कब होगी और पुरानी प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करती है, इस पर आगे की घोषणा का इंतजार रहेगा।

JPSC-JSSC मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी
सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया है। JPSC और JSSC में अनियमितता और कदाचार को लेकर दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध झारखंड हाईकोर्ट से किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन मामलों की सुनवाई जल्द होने से जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दोनों आयोगों में बनेगा आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ
JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने का भी निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखना और संभावित गड़बड़ियों को समय रहते पकड़ना है।
यानी आने वाले समय में परीक्षा से जुड़े कामकाज की अंदरूनी निगरानी पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत करने की तैयारी है।
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है। इस कमेटी की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल करेंगे। कमेटी में अन्य अधिकारियों के अलावा किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी सदस्य बनाया जाएगा। यह कमेटी JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था का अध्ययन करेगी और उसमें सुधार के लिए सुझाव देगी। कमेटी को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
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