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Noida : CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। सरकार की नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों की वजह से देश और विदेश की कंपनियां यूपी में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में आयोजित जापानी निवेश कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में दो बड़े औद्योगिक प्लांट का शिलान्यास किया। दोनों परियोजनाओं में करीब 5,145 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है।
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान और भारत की कंपनियों का यूपी में साथ आना प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर को दिखाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर सिर्फ निवेश लाने पर नहीं, बल्कि ऐसी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने पर है, जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और प्रदेश में उत्पादन को भी गति मिले। यमुना सिटी में बनने वाले दोनों प्लांट इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। पहले मुख्यमंत्री का यमुना सिटी पहुंचकर इन परियोजनाओं का शिलान्यास करने का कार्यक्रम था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया। बुधवार सुबह करीब नौ बजे मुख्यमंत्री दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े और दोनों परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
सेक्टर-10 में 4500 करोड़ से बनेगा एस्कॉर्ट-कुबोता का प्लांट
यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह के मुताबिक सेक्टर-10 में जापान और भारत की संयुक्त कंपनी एस्कॉर्ट-कुबोता का बड़ा प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसमें ट्रैक्टर के साथ खेती में इस्तेमाल होने वाले दूसरे उपकरण भी बनाए जाएंगे। कंपनी के लिए यमुना प्राधिकरण करीब 190 एकड़ जमीन पहले ही आवंटित कर चुका है। इस परियोजना में करीब 4,500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाना है। शिलान्यास के बाद अब कंपनी की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि प्लांट का निर्माण शुरू होने के बाद उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। इससे यमुना सिटी में कृषि उपकरण निर्माण से जुड़ा बड़ा औद्योगिक केंद्र विकसित होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि यूपी में निवेश आने का सीधा फायदा प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं को मिलेगा। सरकार उद्योगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ परियोजनाओं को जमीन पर उतारने पर भी जोर दे रही है।
मिंडा के प्लांट में बनेंगे हार्नेस वायर और ऑटो कंपोनेंट
सेक्टर-24 में स्पार्क मिंडा समूह की कंपनी मिंडा कॉरपोरेशन के प्लांट का भी शिलान्यास हुआ। इसके लिए यमुना प्राधिकरण ने करीब 23 एकड़ जमीन आवंटित की है। कोरियन कंपनी डेसुंग और भारतीय कंपनी लोकोनाव के साथ साझेदारी में बनने वाली इस इकाई में करीब 645 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। प्लांट में ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए हार्नेस वायर, इग्निशन स्विच कम स्टीयरिंग लॉक और मेकाट्रोनिक्स कंपोनेंट बनाए जाएंगे। इस यूनिट से करीब 2,270 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यानी प्लांट शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आरके सिंह ने बताया कि मिंडा कॉरपोरेशन सेक्टर-10 में भी एक और प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रही है। इससे यमुना सिटी में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग का दायरा और बढ़ सकता है।
दोनों परियोजनाओं के शिलान्यास के साथ यमुना सिटी में बड़े औद्योगिक निवेश की एक और शुरुआत हुई है। सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के जरिए उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र में दूसरी देशी-विदेशी कंपनियों के निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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