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Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में बुजुर्ग महिलाओं के लिए बड़ी राहत वाला फैसला लिया गया। सरकार ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 60 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी यूपीएसआरटीसी की सभी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। महिलाओं को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अपनी उम्र और पहचान साबित करनी होगी। इसके लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित होंगी। सरकार का कहना है कि इससे बुजुर्ग महिलाओं को आने-जाने में होने वाला खर्च बचेगा और उन्हें प्रदेश में सफर करने में आसानी होगी।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर 7,968 करोड़ खर्च होंगे
कैबिनेट ने बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को भी मंजूरी दी है। 106.30 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 7,968.30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पूरी रकम राज्य सरकार वहन करेगी। यह एक्सप्रेसवे जालौन के फूलपुरा गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चैनेज 170+300 से शुरू होकर झांसी के अम्बाबाई में उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर यानी एनएच-44 तक जाएगा। शुरुआत में इसे 6 लेन का बनाया जाएगा और भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे की डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
यह मार्ग जालौन के उरई और झांसी की गरौठा, टहरौली, मोठ और झांसी प्रथम तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 110 मीटर चौड़ा राइट ऑफ वे लिया जाएगा। सरकार ने वित्तीय आकलन के बाद इसे पीपीपी मॉडल के बजाय ईपीसी पद्धति से बनाने का फैसला किया है। परियोजना का निर्माण दो पैकेज में किया जाएगा।इस एक्सप्रेसवे से गरौठा के पास बन रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर नोड और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी बीडा क्षेत्र को देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। झांसी किला, ओरछा का श्रीरामराजा मंदिर, दतिया की पीताम्बरा पीठ और सोनागीर जैन तीर्थ जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।
सुलतानपुर में बनेगा औद्योगिक क्लस्टर, 272 करोड़ का बजट
कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास सुलतानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर बनाने को भी मंजूरी दी है। इसके बुनियादी ढांचे और निर्माण कार्यों के लिए करीब 272.25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसका विकास उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यूपीडा करेगा। इस क्लस्टर में 2 लेन और 4 लेन की आंतरिक सड़कें बनाई जाएंगी। करीब 11,620 मीटर लंबी आंतरिक सड़कों के साथ 2,000 मीटर की एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी। यहां आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, फायर स्टेशन, ओवरहेड वॉटर टैंक, पानी की सप्लाई का नेटवर्क, बाउंड्री फेंसिंग और 132/33/11 केवी का बिजली उपकेंद्र भी बनाया जाएगा।
सभी निर्माण कार्य ईपीसी पद्धति से कराए जाएंगे। इसके लिए ग्लोबल बिड मंगाई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि क्लस्टर बनने के बाद सुलतानपुर और आसपास के जिलों में उद्योग और निवेश बढ़ेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी बनेंगे।
यूपी में 2,606 करोड़ का निवेश, 750 रोजगार का अनुमान
विदेशी निवेश और बड़ी कंपनियों को प्रदेश में लाने के लिए लागू एफडीआई, एफसीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत तीन परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी गई है।इन तीन परियोजनाओं में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार के मुताबिक इससे करीब 750 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। परियोजनाओं से खाद्य प्रसंस्करण, पेय पदार्थों की पैकेजिंग और प्लास्टिक आधारित निर्माण सामग्री के क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बिजनौर में एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज का उत्पादन करेगी। इसमें 794.27 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। कंपनी बेल्जियम के एग्रिस्टो समूह और भारत के वेव समूह का संयुक्त उद्यम है। प्रस्तावित इकाई में सालाना करीब 75 हजार मीट्रिक टन फ्रेंच फ्राइज का उत्पादन किया जाएगा। इससे करीब 345 रोजगार मिलने का अनुमान है। आलू की मांग बढ़ने से स्थानीय किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
समान पक्षी विहार में बढ़ेंगी पर्यटन सुविधाएं
मैनपुरी के समान पक्षी विहार में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए ग्राम सभा की छह हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को मुफ्त देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यह जमीन मैनपुरी की किसनी तहसील के ग्राम समान में स्थित है। करीब 5.25 वर्ग किलोमीटर में फैला समान पक्षी विहार प्रदेश के प्रमुख वेटलैंड क्षेत्रों में शामिल है। इसे 2019 में रामसर साइट का दर्जा मिला था। यहां सारस क्रेन समेत कई स्थानीय और प्रवासी पक्षी आते हैं। सर्दियों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों के पहुंचने से यह इलाका पक्षी प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बन जाता है।
सरकार का कहना है कि पर्यटन सुविधाएं बढ़ने से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में होटल, दुकान, परिवहन और दूसरे पर्यटन कारोबार को भी फायदा हो सकता है। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।
हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे, 10,761 करोड़ खर्च होंगे
कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने की मंजूरी भी शामिल है। प्रस्तावित विस्तार 6 लेन का होगा और भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस परियोजना पर राज्य सरकार को करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसमें केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब परियोजना की डीपीआर तैयार करने समेत आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से बिजनौर और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
अभी बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से एनएच-34 का इस्तेमाल होता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की हरिद्वार के साथ सीधी और तेज कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही बिजनौर को गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से भी बेहतर सड़क संपर्क मिल सकेगा।
प्रयागराज से हरिद्वार तक आसान होगा सफर
गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे के जरिए तेज और आसान सफर का रास्ता बनेगा। दोनों शहर कुंभ के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। ऐसे में इस कनेक्टिविटी का सीधा फायदा धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में पर्यटन और कारोबार बढ़ सकता है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इसके बाद होटल, परिवहन, व्यापार और दूसरे स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा से लेकर एक्सप्रेसवे विस्तार, औद्योगिक क्लस्टर, विदेशी निवेश और पर्यटन सुविधाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। इन फैसलों का असर आने वाले समय में प्रदेश की कनेक्टिविटी, निवेश, पर्यटन और रोजगार पर दिखाई देने की उम्मीद है।
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