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Ranchi : सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद रांची नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। शहर में बिना नियम-कानून के चल रहे कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और रास्तों में अड़चन पैदा करने वाले अवैध होर्डिंग्स पर नकेल कसने की तैयारी पूरी कर ली गई है। नगर निगम का साफ कहना है कि छात्रों की जान-माल की सुरक्षा सबसे ऊपर है। नक्शे, ट्रेड लाइसेंस और फायर सेफ्टी जैसे मानकों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी।
20 कोचिंग और लाइब्रेरी को नोटिस
कार्रवाई के पहले चरण में नगर निगम की नगर निवेश शाखा ने शहर के 20 प्रमुख कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को नोटिस थमाया है। इन सभी से इमारतों के पास नक्शे, कमर्शियल इस्तेमाल की इजाजत, ट्रेड लाइसेंस और फायर एनओसी (अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र) जैसे जरूरी कागजात मांगे गए हैं। अगर कोई संस्थान रिहायशी (आवासीय) मकान में बिना अनुमति के कोचिंग या लाइब्रेरी चला रहा होगा, तो उस पर कानूनी गाज गिरना तय है। निगम ने चेतावनी दी है कि वक्त दिए जाने के बाद भी अगर कमियां दूर नहीं की गईं, तो इमारतों को सील करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन प्रमुख संस्थानों पर फंसा शिकंजा
नोटिस पाने वालों में शहर के कई चर्चित संस्थान शामिल हैं:
लालपुर हरिओम टावर: न्यूटन ट्यूटोरियल, समर्थ एकेडमी, फीटजी।
डिजाइनर कॉम्प्लेक्स: विजन आईएएस, इटरनल करियर क्लासेस, कैड डिजाइन स्कूल, स्काईटेक एविएशन, एंबिशन एडवर्स, केडी लाइब्रेरी, भंवर राठौड़ डिजाइन स्टूडियो।
ईस्ट जेल रोड व अन्य इलाके: वीएमएस लाइब्रेरी, प्रेरणा इंस्टीट्यूट, इनसाइट लाइब्रेरी, प्रसाद एंड विनायक लाइब्रेरी, मेटा विजन एकेडमी, परफेक्ट ट्यूटोरियल, एक्स एनसीआईएएस, किरण एकेडमी, एग्जाम फाइटर, भविष्य भारती।
सड़कों और फुटपाथ से हटेंगे अवैध होर्डिंग्स
कोचिंगों के साथ-साथ नगर निगम ने पैदल चलने वालों का रास्ता रोकने वाले अवैध होर्डिंग्स, मोनोपोल और यूनिपोल के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। कोर्ट के आदेशों के मुताबिक फुटपाथ पर लगे और 12 फीट से कम ऊंचाई वाले सभी होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में राम मंदिर-कांके रोड से हिंदपीढ़ी चौक और हरमू बाईपास मार्ग पर जांच की गई। इस दौरान लगभग 95 प्रतिशत होर्डिंग्स नियमों के खिलाफ पाए गए, जो पैदल चलने वालों के लिए खतरा और रुकावट बन रहे थे।
ब्लैकलिस्ट होंगी मनमानी करने वाली एजेंसियां
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने विज्ञापन एजेंसियों और होर्डिंग संचालकों को हिदायत दी है कि वे खुद ही इन अवैध संरचनाओं को हटा लें। तय समय में ऐसा न करने पर निगम इन्हें खुद हटाएगा और खर्च एजेंसियों से वसूलेगा। बात न मानने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि पूरे शहर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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