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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : राधा गोविंद विश्वविद्यालय में सावन महोत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय लोक-संस्कृति, परंपराओं और सावन की हरियाली से जुड़ी अपनी भावनाओं को अलग-अलग गतिविधियों के जरिए सामने रखा। पूरे परिसर में त्योहार जैसा माहौल रहा। कहीं छात्राएं सुंदर मेहंदी रचाती नजर आईं तो कहीं विद्यार्थियों ने अपने हाथों से आकर्षक राखियां तैयार कीं। थाली सजावट और पारंपरिक व्यंजनों ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ना था। सावन महोत्सव के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी रचनात्मकता और उत्साह देखकर परिसर में मौजूद शिक्षक भी काफी उत्साहित नजर आए। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति का इस्तेमाल करते हुए राखियों को अलग-अलग रंगों और डिजाइनों से सजाया। मेहंदी प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने हाथों पर सुंदर और पारंपरिक डिजाइनों को उकेरा।
थाली सजावट और पारंपरिक व्यंजनों ने खींचा ध्यान
महोत्सव में थाली सजावट और पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी सामग्री और पारंपरिक चीजों का इस्तेमाल कर थालियों को सजाया। वहीं, अलग-अलग तरह के पारंपरिक व्यंजन भी तैयार किए गए। इससे भारतीय खान-पान और क्षेत्रीय परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों के लिए यह केवल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि अपनी संस्कृति को करीब से महसूस करने का मौका भी था।
विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी ने अपने संदेश में कहा कि सावन महोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिलता है।
कुलाधिपति बी. एन. साह ने विश्वविद्यालय परिवार और विद्यार्थियों को सावन महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि लेकर आए। कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने कहा कि सावन महोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का अच्छा माध्यम हैं।
कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि भारतीय संस्कृति की खूबसूरती उसकी जीवंत परंपराओं में है। सावन महोत्सव जैसी गतिविधियां नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आयोजन के लिए शिक्षा विभाग और विद्यार्थियों की सराहना की।
कार्यक्रम में वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार सहित शिक्षा विभाग के शिक्षकगण मौजूद रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सावन की खुशियां, रंग और भारतीय परंपराओं की झलक देखने को मिली।
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