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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के अमड़ापाड़ा प्रखंड के कोल ब्लॉक से विस्थापित गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याएं जानने के लिए झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी गांवों के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने चिलगो, विशनपुर और आलूबेड़ा विस्थापित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने गांव में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया और ग्रामीणों से उनकी परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताई विस्थापन के बाद की परेशानी
बाबूलाल मरांडी ने ग्रामीणों से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं की स्थिति के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापन के बाद उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में उपलब्ध सुविधाओं और उनकी कमियों को लेकर लोगों ने अपनी बात उनके सामने रखी। ग्रामीणों ने विस्थापन के बाद जीवन में आए बदलाव और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी दी।
ग्रामीणों की बातें सुनने के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विस्थापित परिवारों को उनके जीवन की जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। विस्थापन के बाद लोगों के सामने यदि बुनियादी सुविधाओं का संकट बना हुआ है तो इस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों में सरकार से पहल करने की मांग करने की बात कही।
कोयला खनन से प्रभावित हैं कई गांव
अमड़ापाड़ा प्रखंड के नॉर्थ और साउथ कोल ब्लॉक में वर्षों से कोयला उत्खनन और परिवहन का काम चल रहा है। बीजीआर और डीबीएल कंपनी इन दोनों कोल ब्लॉक में खनन और कोयला परिवहन का काम कर रही हैं। खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र के कई गांव विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों का सामना कर रहे हैं।
ऐसे में बाबूलाल मरांडी का विस्थापित गांवों का दौरा ग्रामीणों की समस्याओं को सामने लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीणों ने उनसे उम्मीद जताई कि विस्थापन के बाद सामने आ रही उनकी समस्याओं को सरकार के स्तर तक पहुंचाया जाएगा और जरूरी सुविधाओं को लेकर पहल होगी।
दौरे के दौरान पूर्व विधायक दिनेश विलियम मरांडी, भाजपा जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू, अमृत पांडेय, दुर्गा मरांडी, धर्मेंद्र त्रिवेदी समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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