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Giridih : रविवार को घर से निकलते वक्त 16 साल के मिथुन कुमार ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि वह आखिरी बार बाहर जा रहा है। फोन पर बात हुई, माशूका के बुलावे पर वह बेंगाबाद के पहाड़पुर पहुंचा और फिर अचानक गायब हो गया। घरवाले चार दिन तक उसे तलाशते रहे। किसी को क्या पता था कि जिस घर में वह पहुंचा था, उसके पीछे की जमीन के नीचे ही उसकी लाश दफन है। सुबह कुत्तों ने गड्ढा खोदकर एक पैर बाहर खींचा तो गांव में सनसनी फैल गई। जमीन खोदी गई तो 16 साल के मिथुन की हत्या की खौफनाक कहानी सामने आई।
बिहार के जमुई जिले के मोरियाडीह निवासी मिथुन करीब एक साल से पहाड़पुर की एक लड़की के संपर्क में था। दोनों की बातचीत इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी। परिजनों का आरोप है कि रविवार को लड़की ने फोन कर मिथुन को अपने घर बुलाया था। इसके बाद उसका मोबाइल और उससे जुड़ी कोई खबर परिवार को नहीं मिली। चार दिन तक तलाश के बाद परिजन पहाड़पुर पहुंचे और वहां जो देखा, उससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
जमीन के नीचे दफन था मिथुन, कुत्तों ने खोला राज
लड़की के घर के पीछे खजूर के पेड़ के पास जमीन से एक पैर बाहर निकला हुआ था। आसपास के लोगों की नजर पड़ी तो पहले किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। देखते ही देखते खबर पूरे गांव में फैल गई। मौके पर भीड़ जुटी और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद सीओ सफी आलम की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट के तौर पर जमीन खुदवाई गई। मिट्टी हटते ही नीचे से शव बरामद हुआ। शव की पहचान मिथुन के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक शव को काटकर जमीन में दफन किए जाने की बात सामने आई है। उसे जलाने की कोशिश किए जाने की आशंका भी है। चार दिन तक जमीन के नीचे दबे शव से जब दुर्गंध उठने लगी तो कुत्तों ने गड्ढा खोद दिया। इसी दौरान शव का पैर बाहर आ गया और वारदात का राज खुल गया।
जिस घर में गया था, वहीं मिले खून के निशान
पुलिस की जांच का सबसे अहम सिरा उस घर से जुड़ता दिख रहा है, जहां मिथुन को बुलाया गया था। आरोपी के कमरे के अंदर खून के धब्बे मिलने की बात सामने आई है। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्या घर के भीतर ही की गई होगी। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। टीम ने घर के अंदर और शव दफनाने वाली जगह से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब उन निशानों को जोड़ने में लगी है, ताकि यह पता चल सके कि हत्या किस तरह हुई और शव को जमीन तक पहुंचाने में कौन-कौन शामिल था। हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
हत्या के बाद भी घर में ही रह रहा था परिवार
वारदात के बाद आरोपी परिवार के घर में ही रहने की बात सामने आई है। घर के पीछे जमीन में शव दबा था और ऊपर से जिंदगी सामान्य चल रही थी। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। लेकिन शव से उठती दुर्गंध ने आखिरकार राज खोल दिया। सुबह जमीन से निकला पैर देखकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
गुस्से में परिजनों ने जगदीश को पीटा
मिथुन का शव मिलने की खबर सुनते ही उसके परिजनों का गुस्सा उबाल पर आ गया। मौके पर उन्होंने हंगामा किया। इसी दौरान मुख्य आरोपी बताए जा रहे जगदीश दास की लोगों ने पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को हटाया और जगदीश को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने लड़की, उसके पिता जगदीश दास और मां को हिरासत में लिया है। तीनों से पूछताछ चल रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि रविवार को मिथुन के घर पहुंचने के बाद क्या हुआ और उसकी हत्या के पीछे असली वजह क्या थी।
दिल्ली में काम करता था, छह महीने पहले लौटा था गांव
मिथुन चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। परिजनों के मुताबिक वह दिल्ली में काम करता था और करीब छह महीने पहले ही गांव लौटा था। इसके बाद से वह घर पर ही रह रहा था। परिवार को क्या पता था कि रविवार की शाम घर से निकला उनका बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा।
एसडीपीओ सदर गिरिडीह जीतवाहन उरांव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम-प्रसंग में हत्या का लग रहा है। लड़की और उसके माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। हत्या में इस्तेमाल हथियार का पता लगाया जा रहा है।
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