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Ranchi : रोज दफ्तरों में फाइलों का अंबार निपटाने वाले बाबू हों या खदानों में कोयले की धार नापने वाले अफसर, गुरुवार को खेलगांव के ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्टेडियम में हर किसी का मिजाज बदला-बदला सा था। CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की तीन दिवसीय अंतर-क्षेत्रीय बैडमिंटन और टेबल टेनिस प्रतियोगिता जब शुरू हुई, तो कोट पर कुर्सी-कुर्सी का फासला मिट चुका था। 5 सितंबर तक चलने वाले इस खेल मेले का आगाज करने जब वित्त निदेशक पवन कुमार मिश्रा और मानव संसाधन निदेशक हर्ष नाथ मिश्र पहुंचे, तो माहौल में जबरदस्त गर्मी आ गई। दोनों अफसरों ने जब खुद रैकेट थामकर शटल पर हाथ आजमाया, तो खिलाड़ियों की तालियों से पूरा इंडोर हॉल गूंज उठा।
मंच से जब पवन कुमार मिश्रा ने बात रखी, तो उन्होंने साफ कहा कि जिंदगी हो या खेल, असली बात अनुशासन और टीम वर्क की है। हार या जीत तो खेल का हिस्सा है, असली मजा पूरे दिल से खेलने में है। उन्होंने जब यह कहा कि इस बार महिला खिलाड़ी जिस तादाद में उतरी हैं, वह सीसीएल की नई और मजबूत तस्वीर दिखाता है, तो दर्शक दीर्घा से जोरदार दाद मिली। वहीं हर्ष नाथ मिश्र ने खिलाड़ियों में नया जोश भरते हुए कहा कि यह कोर्ट सिर्फ एक टूर्नामेंट का ठिकाना नहीं, बल्कि कोल इंडिया और देश के स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पहली सीढ़ी है।
जब टेबल पर गेंद नाची और कोर्ट पर पसीना बहा
प्रतियोगिता में कुल 189 खिलाड़ी अपनी किस्मत और मेहनत आजमाने पहुंचे हैं। इनमें युवा जोश भी है और बरसों का तजुर्बा लिए वेटरन खिलाड़ी भी। ओपन सिंगल्स, डबल्स से लेकर टीम चैंपियनशिप तक, हर मुकाबला सांस रोक देने वाला साबित हो रहा है। टीम मुकाबलों में बरका-सयाल और मुख्यालय की टीमों ने जबर्दस्त तालमेल दिखाते हुए अपने विरोधियों को पछाड़कर अगले दौर का टिकट कटा लिया। उधर टेबल टेनिस के बोर्ड पर छोटी सी गेंद की रफ्तार देखने लायक थी, जहां मुख्यालय और हजारीबाग के पैडलर्स ने अपने तेजतर्रार शॉट्स से खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
मैदान का सबसे दिलचस्प पल वह रहा जब वेटरन वर्ग के बैडमिंटन मैच में दोनों निदेशक खुद कोर्ट में उतर गए। पवन कुमार मिश्रा और हर्ष नाथ मिश्र की जोड़ी ने कोर्ट पर ऐसा पसीना बहाया कि हर कोई देखता रह गया। तीन सेट तक चले इस कड़े मुकाबले में उन्होंने 21-18, 15-21 और 21-16 से बाजी मारकर साबित कर दिया कि उम्र चाहे जो हो, खेल का जज्बा कभी पुराना नहीं पड़ता। रेफरी और अंपायरों की चौकस नजरों के बीच मैच का एक-एक प्वाइंट ईमानदारी और पूरे जोश के साथ लड़ा जा रहा था।
कोयलांचल के 18 इलाकों का जमावड़ा, नजरें अब राष्ट्रीय मंच पर
स्टेडियम में इस वक्त पूरे कोयलांचल का मिजाज एक जगह सिमट आया है। आम्रपाली-चंद्रगुप्त, रजरप्पा, गिरिडीह, कुजू, अरगडा, बीएंडके, मगध-संघमित्रा, ढोरी, कथारा, पिपरवार और रामगढ़ जैसे अठारह अलग-अलग इलाकों से आए खिलाड़ी एक-दूसरे को मात देने के साथ-साथ दोस्ती के धागे भी मजबूत कर रहे हैं। खान-पान और बोलचाल के अलग-अलग रंग लिए ये कर्मी शाम ढलते-ढलते एक बड़े परिवार की तरह नजर आते हैं।
खिलाड़ियों के भीतर यह जान लगाने की एक बड़ी वजह भी है। तीन दिन के इस घमासान में जो खिलाड़ी सबसे उम्दा खेल दिखाएंगे, उन्हें कोल इंडिया स्तर की बड़ी प्रतियोगिता में CCL की जर्सी पहनकर उतरने का मौका मिलेगा। टेबल टेनिस के धुरंधरों को इसी साल नवंबर में और बैडमिंटन के महारथियों को दिसंबर में कोल इंडिया की अंतर-कंपनी स्पर्धा में अपनी चमक बिखेरनी है। अगले दो दिनों तक खेलगांव के इस स्टेडियम में स्मैश की गूंज और जीत की हुंकार इसी तरह रफ्तार पकड़ती रहेगी।
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