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Ranchi : रांची नगर निगम कार्यालय में अपने काम के लिए पहुंचने वाले शहरवासियों के साथ अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी का व्यवहार ठीक नहीं है, तो अब उन्हें चुप रहने की जरूरत नहीं है। रांची की मेयर रोशनी खलखो ने साफ कहा है कि निगम में किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या परेशानी की शिकायत सीधे मेयर कार्यालय तक की जा सकती है। शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। मेयर ने शहरवासियों से अपील की है कि नगर निगम में काम कराने के दौरान अगर उन्हें किसी कर्मचारी के व्यवहार से परेशानी होती है या उनके साथ गलत तरीके से बात की जाती है, तो इसकी जानकारी तुरंत दें। उनका कहना है कि आम लोगों को अपने काम के लिए सरकारी कार्यालय में आने पर सम्मानजनक व्यवहार मिलना उनका अधिकार है। किसी भी नागरिक को कर्मचारी के डर या दबाव में अपनी शिकायत दबाने की जरूरत नहीं है।
टैक्स से प्रमाण पत्र तक, हर दिन निगम पहुंचते हैं लोग
रांची नगर निगम कार्यालय में हर दिन बड़ी संख्या में शहरवासी अलग-अलग काम लेकर पहुंचते हैं। कोई हाउस टैक्स जमा करने या उससे जुड़ी समस्या के समाधान के लिए आता है, तो किसी को जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होता है। कई लोग भवन का नक्शा पास कराने, सफाई की शिकायत करने या सड़क और दूसरी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर निगम कार्यालय पहुंचते हैं। इन कामों के लिए लोगों को अलग-अलग विभागों और कर्मचारियों से संपर्क करना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारियों का व्यवहार और लोगों को सही जानकारी मिलना काफी महत्वपूर्ण है। कई बार काम में देरी या जानकारी के अभाव में लोगों को परेशानी होती है। अगर इसी दौरान कर्मचारी का रवैया भी ठीक नहीं रहता, तो आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। मेयर ने इसी तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही है।
शिकायत करना होगा आसान, मेयर कार्यालय तक पहुंचा सकेंगे बात
मेयर ने शिकायत की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया है। अगर किसी नागरिक को नगर निगम के किसी कर्मचारी या अधिकारी से दुर्व्यवहार की शिकायत है, तो वह मेयर कार्यालय में अपनी बात रख सकता है। इसके अलावा फोन के माध्यम से भी मेयर को शिकायत की जानकारी दी जा सकती है। लोगों को शिकायत के तरीके की जानकारी देने के लिए निगम परिसर और अलग-अलग विभागों में सूचना नोटिस लगाए गए हैं। इसका मकसद यह है कि नगर निगम आने वाले लोगों को यह पता रहे कि अगर उन्हें किसी तरह की परेशानी होती है तो वे कहां और किससे शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद संबंधित मामले की जांच कराई जाएगी। मेयर ने कहा है कि जांच में अगर कर्मचारी या अधिकारी की गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे कर्मचारियों को भी अपने व्यवहार और काम करने के तरीके को लेकर जवाबदेह बनाने की कोशिश की जा रही है।
मेयर बोलीं- हर नागरिक सम्मान का हकदार
मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि नगर निगम में काम के लिए आने वाला हर नागरिक सम्मान का हकदार है। अगर किसी कर्मचारी के व्यवहार से किसी व्यक्ति को परेशानी होती है या उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, तो उसे बिना किसी डर के इसकी शिकायत करनी चाहिए। शिकायत की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। मेयर ने कहा कि जनता को बेहतर और सम्मानजनक सेवा देना नगर निगम की प्राथमिकता है। इस पहल का मकसद केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि निगम की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाना भी है। अब देखने वाली बात होगी कि शिकायत मिलने के बाद जांच और कार्रवाई की व्यवस्था कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती है और इसका असर निगम कार्यालय में आम लोगों के अनुभव पर कितना पड़ता है।
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