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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड में JPSC, JSSC-CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भाजपा ने बुधवार को पाकुड़ में प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी आंदोलन के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट की जांच कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की CBI जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू ने किया। इसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दिनेश विलियम मरांडी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े परीक्षा मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है।

लड्डूबाबू आमबगान से निकली रैली, DC कार्यालय पहुंचकर की नारेबाजी
भाजपा की रैली पाकुड़ के लड्डूबाबू आमबगान से शुरू हुई। कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लेकर पाकुड़-दुमका मुख्य सड़क से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। रास्ते में राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए। DC कार्यालय पहुंचने के बाद सभा हुई, जिसमें भाजपा नेताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाएसभा के बाद भाजपा नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
बाबूलाल मरांडी बोले- मुकदमे वापस हों और CBI जांच कराई जाए
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई और कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए। मरांडी ने कहा कि भाजपा की मांग स्पष्ट है। छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, आंदोलन के दौरान मारपीट के आरोपों की जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही JPSC, JSSC-CGL समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी दी जाए।
बाबूलाल मरांडी सरकार पर CBI जांच से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच होने पर इसकी आंच मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच सकती है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य और उनकी प्रतिभा के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए परीक्षा व्यवस्था में भरोसा और पारदर्शिता सबसे जरूरी है। भाजपा ने साफ किया कि छात्रों के मुद्दे को लेकर पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और परीक्षा में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

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