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News Samvad : घर से ड्यूटी पर निकलते समय पुरुषों की जेब में आमतौर पर मोबाइल, बटुआ और गाड़ी की चाबी जैसी चीजें होती हैं। लेकिन कुछ पुरुष ऐसे भी होते हैं, जिनकी जेब में इन सामानों के साथ एक छोटी कंघी भी जरूर रहती है। दोस्तों के साथ बाहर जाना हो, किसी जरूरी काम से निकलना हो या डेट पर जाना हो, वे कंघी साथ रखना नहीं भूलते। बाल थोड़े भी बिगड़े तो कंघी निकालकर तुरंत ठीक कर लेते हैं।
दूसरी ओर, महिलाओं के पर्स में भी कंघी, लिपस्टिक और छोटा शीशा जैसी चीजें आमतौर पर देखने को मिल जाती हैं। देखने में यह एक सामान्य आदत लगती है, लेकिन मनोविज्ञान के नजरिए से किसी व्यक्ति की ऐसी रोजमर्रा की आदत उसके खुद को पेश करने के तरीके और तैयारी की सोच से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, सिर्फ जेब में कंघी रखने के आधार पर किसी व्यक्ति की पूरी पर्सनैलिटी तय नहीं की जा सकती।

बाल बिगड़ने पर तुरंत ठीक करने की आदत
कुछ पुरुष अपने बालों और पूरे लुक को लेकर काफी सजग रहते हैं। घर से निकलते समय बाल ठीक करने के बाद भी उन्हें चिंता रहती है कि हवा, हेलमेट, धूप या किसी दूसरी वजह से बाल खराब न हो जाएं। इसलिए वे छोटी कंघी अपने साथ रखना पसंद करते हैं। रास्ते में बाल बिगड़े तो कंघी निकालकर कुछ सेकंड में उन्हें फिर से व्यवस्थित कर लेते हैं।
मनोवैज्ञानिक नजरिए से इसे खुद को दूसरों के सामने बेहतर तरीके से पेश करने की इच्छा से जोड़ा जा सकता है। ऐसे व्यक्ति अपनी पहली छाप को लेकर अधिक ध्यान दे सकते हैं। कपड़े कैसे हैं, बाल ठीक हैं या नहीं और सामने वाले के बीच उनकी उपस्थिति कैसी दिख रही है, इन बातों पर वे सामान्य से थोड़ा ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे व्यक्ति दिखावे को लेकर परेशान रहते हैं। कई लोगों के लिए साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखना सिर्फ उनकी रोज की आदत होती है। जैसे कोई व्यक्ति घर से निकलने से पहले अपनी घड़ी, जूते या कपड़े जरूर ठीक करता है, वैसे ही किसी के लिए बाल ठीक करना जरूरी हो सकता है।
कंघी साथ रखने से मिलती है तैयार रहने की भावना
जेब में कंघी रखना कुछ लोगों की तैयार रहने वाली सोच का हिस्सा भी हो सकता है। मान लीजिए अचानक किसी जरूरी मीटिंग में जाना पड़ जाए और रास्ते में बाल खराब हो जाएं। ऐसी स्थिति में कंघी काम आ सकती है। व्यक्ति को यह भरोसा रहता है कि छोटी-सी परेशानी आने पर वह उसे खुद ठीक कर सकता है।
यही वजह है कि कंघी जैसी छोटी चीज केवल ग्रूमिंग का सामान नहीं रह जाती। कुछ लोगों के लिए यह सुविधा और तैयारी का साधन भी बन जाती है। इंसान ट्रैफिक, मौसम या रास्ते में होने वाली कई चीजों को अपने हिसाब से नियंत्रित नहीं कर सकता। लेकिन अपने बाल और लुक को कुछ हद तक व्यवस्थित करना उसके हाथ में रहता है। इस तरह कंघी साथ रखने से व्यक्ति को एक तरह का मानसिक संतोष मिल सकता है कि जरूरत पड़ने पर वह अपने लुक को तुरंत ठीक कर सकता है। यह छोटी-सी तैयारी उसे अधिक सहज महसूस करा सकती है।
हर कंघी रखने वाले पुरुष की पर्सनैलिटी एक जैसी नहीं होती
यह समझना जरूरी है कि जेब में कंघी रखने की आदत को देखकर किसी व्यक्ति के बारे में बड़ा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। हर इंसान की ग्रूमिंग की आदत अलग होती है। कोई कंघी साथ रखता है तो कोई हाथ से ही बाल ठीक कर लेता है। कुछ लोग बालों को लेकर ज्यादा सजग होते हैं, जबकि कुछ लोग अपने लुक को लेकर उतने चिंतित नहीं रहते। कई बार कंघी जेब में रखने की वजह बेहद साधारण भी हो सकती है। किसी को लंबे समय से इसकी आदत हो सकती है, किसी के बाल जल्दी बिखर जाते हैं या कोई व्यक्ति बस जरूरत पड़ने पर तुरंत कंघी उपलब्ध रखना चाहता है।
इसलिए जेब में कंघी रखना किसी खास व्यक्तित्व की पक्की पहचान नहीं है। हां, मनोविज्ञान के नजरिए से यह आदत कुछ लोगों में अपनी प्रस्तुति, तैयारी और छोटी-छोटी चीजों पर नियंत्रण रखने की पसंद की ओर इशारा कर सकती है। असल पर्सनैलिटी समझने के लिए व्यक्ति का व्यवहार, सोच और अलग-अलग परिस्थितियों में उसका रवैया ज्यादा मायने रखता है।
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