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Patna : बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने का वेतन दान कर दिया। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का चेक अपने सचिव लोकेश कुमार सिंह को सौंपा। इस दौरान उन्होंने राज्य के समर्थ और संपन्न लोगों से संकट के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए राहत कोष में बढ़-चढ़कर योगदान देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने पटना में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज और बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेते हुए राज्य के विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई अहम ऐलान किए।
5 साल में 10 हजार नए उद्योग और ऑनलाइन पढ़ाई की नई व्यवस्था
तारामंडल परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने 25 प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवाकाल पर उन्हें बधाई दी। युवाओं और स्टार्टअप्स से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग लगाने के लिए अब तक करीब एक हजार इकाइयों को जमीन दी जा चुकी है और अगले पांच सालों में 10 हजार नए उद्योग लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।

शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के स्कूलों को आधुनिक बनाया जा रहा है और 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए छात्र रात को भी पढ़ाई कर रहे हैं। इस व्यवस्था में 75 हजार ट्यूटर जुड़े हैं, जो नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बच्चों की मदद कर रहे हैं।
1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने और उच्च शिक्षा के लिए अलग यूनिवर्सिटी का लक्ष्य
बापू सभागार में आयोजित बिहार राज्य महिला आयोग के रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने एक विशेष डाक टिकट और स्मारिका का विमोचन किया। महिलाओं की भागीदारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की पंचायतों और नगर निकायों में 50 फीसदी आरक्षण मिलने से आधी आबादी काफी मजबूत हुई है। अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना और उन्हें सीधे तौर पर रोजगार से जोड़ना है। जीविका दीदियों के जरिए सिलाई, मुर्गीपालन और स्कूली बच्चों की पोशाक तैयार कराने जैसे काम तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं।
छात्राओं को उच्च शिक्षा और रिसर्च से जोड़ने के लिए पीएचडी करने वाली एक हजार छात्राओं को हर महीने 10 हजार रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य में केवल महिलाओं के लिए एक अलग विश्वविद्यालय खोलने पर भी काम चल रहा है।
शैक्षणिक संस्थानों में पुलिस दीदी की तैनाती, बाढ़ पीड़ितों को सीधे खाते में मदद
छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां स्कूल और कॉलेजों के आसपास महिला सुरक्षाकर्मियों यानी ‘पुलिस दीदी’ को तैनात किया गया है। उन्होंने महिला आयोग से केवल शिकायतें निपटाने तक सीमित न रहकर सरकार को नीतिगत सुझाव देने का भी आग्रह किया। प्रशासनिक पारदर्शिता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में बाढ़ से प्रभावित 9 लाख परिवारों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे डीबीटी के जरिए आर्थिक मदद पहुंचाई गई है। सरकार तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर आम जनता की रोजमर्रा की दिक्कतों को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है।
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