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Patna : “बिहार की तकदीर अब पलायन से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और उद्यमशीलता से तय होगी। राज्य के युवाओं की काबिलियत और बड़ी आबादी हमारे लिए कोई मजबूरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है।” यह बात सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के तारामंडल सभागार में कही। वे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ के शुभारंभ पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के 12 लाख मजदूरों का पलायन रोकने, अगले पांच साल में 10 हजार नई फैक्ट्रियां लगाने और रात के अंधेरे में भी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे सूबे के लाखों बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने का मजबूत भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने नेशनल इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का लोकार्पण किया और श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने वहां लगाई गई इनोवेशन प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। अलग-अलग स्टॉलों पर जाकर उन्होंने युवा उद्यमियों से उनके स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स और नए उत्पादों के बारे में सीधे बातचीत की। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल और उनके नवाचार के विजन से हम सभी को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। सरकार का मकसद वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में बिहार की पूरी भागीदारी तय करना है।


12 लाख मजदूरों का पलायन रोकना सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास के लिए अब मुफीद माहौल तैयार हो चुका है। अब तक लगभग 1 हजार उद्योगों को जमीन दी जा चुकी है और अगले पांच सालों के भीतर 10 हजार नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार से करीब 12 लाख लोग मजदूरी के लिए बाहर जाते हैं। सरकार का साफ इरादा है कि किसी भी नागरिक को मजबूरी में राज्य से बाहर न जाना पड़े। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उद्योगों और स्टार्टअप्स को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन का उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में बाढ़ की मार झेल रहे 9 लाख परिवारों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के जरिए राहत राशि भेजी गई है।

विद्यार्थी साथी ऐप पर रात 1 बजे भी 75 हजार शिक्षक दे रहे समाधान
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल खोले गए हैं। छात्रों को घर बैठे नीट और जेईई जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए विद्यार्थी साथी ऐप की सुविधा दी गई है। यहां छात्रों को 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर और मेंटरशिप मिल रही है। उन्होंने बताया कि देर रात 1 बजे भी करीब 1 लाख 42 हजार बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे होते हैं और उनके सवालों के जवाब देने के लिए 75 हजार शिक्षक ऑनलाइन मौजूद रहते हैं। इसके अलावा हाल ही में नियुक्त हुए 2500 असिस्टेंट प्रोफेसर अब ग्रामीण इलाकों के कॉलेजों में छात्रों को उच्च शिक्षा देंगे।

एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की तैयारी
महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के बिना राज्य का विकास अधूरा है। समृद्ध बिहार बनाने के लिए राज्य सरकार ने 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और स्थानीय उद्यमशीलता के दम पर ही बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, सांसद डॉ. संजय जायसवाल और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई जनप्रतिनिधि और युवा उद्यमी उपस्थित रहे।
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