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Palamu : पलामू के भीखही गांव में 20 सितंबर की दोपहर सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन एक कच्चे मकान के भीतर नफरत और लाचारी का ऐसा खूनी तूफान उठ रहा था, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जिस उम्र में हाथ लाठी संभालने के सहारे ढूंढते हैं, उस उम्र में 81 साल के जगदेव भुइयां ने दामाद की गर्दन पर लोहे की धारदार टांगी चला दी। शराब के नशे में चूर दामाद गांधी भुइयां जब जमीन पर गिरा, तो जमीन खून से लाल हो चुकी थी और बूढ़े बाप के हाथ खून से सने थे। यह किसी शातिर मुजरिम का सोचा-समझा कत्ल नहीं, बल्कि एक मजबूर पिता के भीतर बरसों से सुलग रहे गुस्से का खौफनाक विस्फोट था।
मायके की चौखट तक खिंच आया रोज का जुल्म
गांधी भुइयां को शराब की ऐसी लत थी कि बोतल मुंह से लगते ही उसे सही और गलत की सुध नहीं रहती थी। शराब के नशे में वह अपनी पत्नी पर जानवरों की तरह टूट पड़ता था। मार-पीट, गालियां और बेइज्जती सहते-सहते जब पानी सिर से ऊपर गुजर गया, तो जगदेव की बेटी अपना घर छोड़कर अपने बूढ़े पिता की छांव में चली आई। पिछले दो-तीन महीनों से वह मायके में ही रह रही थी, यह सोचकर कि कम से कम यहां उसे वो जिल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस जल्लाद से वह जान छुड़ाकर भागी है, वह मौत का फंदा लेकर मायके के आंगन तक ही चला आएगा।
बूढ़ी आंखों के सामने चीखती रही बेटी, फिर हाथ में आ गई टांगी
20 सितंबर को गांधी भुइयां नशे में लड़खड़ाता हुआ ससुराल पहुंच गया। घर में घुसते ही उसने फिर वही खूनी खेल शुरू कर दिया। सब लोगों के सामने ही वह अपनी पत्नी के बाल पकड़कर घसीटने लगा और उस पर लात-घूंसे बरसाने लगा। बेटी की चीखें सुनकर कमरे के कोने में बैठा 81 साल का लाचार जगदेव तड़प उठा। उसने दामाद के आगे हाथ जोड़े, बेटी को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन नशेड़ी दामाद के सिर पर तो शैतान सवार था। जब गांधी ने सबके सामने हदें पार कर दीं, तो बुजुर्ग का सब्र टूट गया। उसने पास में रखी भारी टांगी उठाई और बिना कुछ सोचे-समझे दामाद पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। दामाद वहीं गिरकर तड़पने लगा और कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गईं।
कांपते कदमों से जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा पिता
घर में कत्ल की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया। पलामू एसपी कपिल चौधरी के आदेश पर छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल पुलिस टीम मौके पर पहुंची। छतरपुर थाना प्रभारी सौरव चौबे और सब इंस्पेक्टर धनंजय गोप ने खून से सनी टांगी को जब्त किया और 81 साल के बुजुर्ग जगदेव भुइयां को गिरफ्तार कर लिया। थाने में पुलिस के सामने जगदेव ने बिना किसी झिझक के अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने भारी आवाज में सिर्फ इतना कहा कि अपनी आंखों के सामने बेटी को तिल-तिल मरते देखना अब उसके बस की बात नहीं थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर बुजुर्ग को जेल भेज दिया है, लेकिन भीखही गांव में आज भी इस खूनी अंजाम की गूंज सुनाई दे रही है।
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