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Patna : राज्य के सभी थानों को अगले 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से लैस किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने 5 अक्टूबर को विभागीय समीक्षा बैठक में यह सख्त निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए आदेशों के अमल की समीक्षा की गई। प्रधान सचिव ने साफ कहा कि थानों में वीसी की सुविधा शुरू होने से मैदानी पुलिसकर्मियों और मुख्यालय के वरीय अधिकारियों के बीच सीधा संवाद हो सकेगा, जिससे केसों की मॉनिटरिंग और आपसी तालमेल काफी बेहतर होगा। बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के कई आला अधिकारी मौजूद थे।
फोरेंसिक जांच में देरी पर नाराजगी, स्पीडी ट्रायल तेज करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान प्रधान सचिव ने फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के लंबित रहने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर न मिलने से जांच और अदालत की प्रक्रिया अटक जाती है। इसलिए संबंधित अधिकारी पेंडिंग मामलों की लगातार समीक्षा करें और अटकी हुई जांचों का तुरंत निपटारा कराएं। इसके साथ ही स्पीडी ट्रायल वाले मुकदमों की भी समीक्षा की गई। पंकज कुमार ने निर्देश दिया कि गंभीर मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए पुलिस, अभियोजन और संबंधित एजेंसियां आपस में बेहतर तालमेल बनाएं, ताकि सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मुस्तैद रहेगी पुलिस, जाम से नहीं जूझेंगे अभ्यर्थी
विभिन्न आयोगों द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी बैठक में अहम फैसले लिए गए। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन मिलकर मिशन मोड में काम करें। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के साथ-साथ अभ्यर्थियों के आने-जाने की पुख्ता निगरानी की जाए। उन्होंने खास तौर पर कहा कि परीक्षा के दिन शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर सेंटर पहुंचने में दिक्कत न हो और आम लोगों को भी जाम की परेशानी न झेलनी पड़े।
जिलों से मांगी गई प्रगति रिपोर्ट
बैठक के अंत में प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अब तक क्या काम हुआ, इसकी जिलावार रिपोर्ट नियमित रूप से गृह विभाग को भेजी जाए। उन्होंने काम को तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में एडीजी सीआईडी पारस नाथ, एडीजी आधुनिकीकरण अजिताभ कुमार, एडीजी विधि-व्यवस्था के. सुहिता अनुपम, आईजी मनोज कुमार और गृह विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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