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Patna : विश्वेश्वरैया भवन स्थित कार्यालय कक्ष में भवन निर्माण विभाग की मंत्री श्रीमती लेशी सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पटना और नालंदा जिले में भवन निर्माण विभाग और मुख्य अभियंता (विद्युत), पटना के क्षेत्राधिकार से जुड़ी विभिन्न विद्युत योजनाओं और चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, काम की गुणवत्ता और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं की जानकारी ली। बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का काम चल रहा है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। साथ ही लंबित योजनाओं की अलग से निगरानी कर उनकी प्रगति में आ रही अड़चनों को जल्द दूर करने को कहा।
विद्युत कार्यों के लिए जल्द बनेगी SOP
समीक्षा के दौरान मंत्री लेशी सिंह ने विद्युत संबंधी कार्यों को बेहतर और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए जल्द मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विद्युत कार्य तय मानकों के अनुसार किए जाने चाहिए। SOP तैयार होने के बाद काम करने की प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और योजनाओं की गुणवत्ता के साथ पारदर्शिता भी बेहतर होगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत योजनाओं में काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी स्तर पर केवल काम पूरा करने की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण और विद्युत उपकरणों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में समयबद्धता के साथ गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है।
घटिया उपकरण मिले तो होगी कार्रवाई
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों और अभियंताओं से योजनाओं को लागू करने के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना में तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी आ रही है तो उसका समाधान समय रहते निकाला जाए। समस्याओं के कारण काम लंबे समय तक अटका नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्युत कार्यों में मानक स्तर के उपकरणों का ही इस्तेमाल किया जाए। उपकरणों की नियमित जांच कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार समेत विभाग के अन्य वरीय अधिकारी और संबंधित अभियंता मौजूद रहे। मंत्री ने सभी अधिकारियों को योजनाओं की लगातार निगरानी करने और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा कराने की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने का निर्देश दिया।
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