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New Delhi : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन काफी देर तक चला। प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बैरिकेड पार कर आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता भी धरने में शामिल हुए। करीब आठ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा समेत करीब 50 सांसदों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन को लेकर दिनभर दिल्ली की सड़कों पर राजनीतिक माहौल गरम रहा। विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। उनके हाथों में तिरंगा और ‘लोकतंत्र बचाओ’ लिखे बैनर थे। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलने और एसआईआर को लेकर अपनी आपत्तियां रखने की मांग कर रहे थे।
बैरिकेड पार कर आकाशवाणी भवन पहुंचे राहुल गांधी
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विपक्षी सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी बीच राहुल गांधी एक बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर उसे लहराया। इसके बाद वह नीचे उतरे। पुलिस ने सड़क पर बैठे कुछ विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। राहुल गांधी को भी बस में बैठाने की तैयारी थी, लेकिन वह वहां से आगे बढ़ गए। उन्होंने बस में बैठी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से बातचीत की और इसके बाद आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट की तरफ चले गए। करीब 12:20 बजे राहुल गांधी गेट नंबर-3 के पास पहुंचे। उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ परिसर में चले गए। इसके बाद प्रदर्शन का मुख्य केंद्र संसद मार्ग से बदलकर आकाशवाणी भवन परिसर हो गया।
करीब 12:30 बजे प्रियंका गांधी भी बस से उतरकर आकाशवाणी भवन के गेट पर पहुंचीं। वह राहुल गांधी के साथ शामिल हो गईं। दोनों गेट नंबर-4 के पास एक पेड़ के नीचे बैठ गए। कुछ ही देर में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी वहां पहुंच गए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा ने परिसर में जाने की अनुमति मांगी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिल गई।
पेड़ के नीचे धरना, राहुल बोले: चुनाव आयोग से मिले बिना नहीं हटेंगे
दोपहर बाद आकाशवाणी भवन परिसर में पेड़ के नीचे चटाइयां बिछाई गईं। राहुल गांधी और दूसरे नेता वहीं बैठ गए। प्रियंका गांधी लगातार पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती रहीं। प्रदर्शन कर रहे नेताओं के लिए पानी और खाने-पीने का सामान भी पहुंचाया गया। धीरे-धीरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ भी बढ़ती गई। करीब 2:30 बजे राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं और अपनी बात रखना चाहते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की आवाज का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
करीब 4:30 बजे राहुल गांधी ने फिर अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव आयोग इंडिया ब्लॉक के सांसदों से मिलने के लिए तैयार नहीं होता, तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, चुनाव आयोग के अधिकारियों की ओर से कहा गया कि किसी राजनीतिक दल की तरफ से बैठक के लिए कोई अनुरोध उन्हें प्राप्त नहीं हुआ था। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो शेयर किया। इसके साथ पार्टी ने लिखा, ‘सब याद रखा जाएगा।’ कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर जीत हासिल की थी और वोट चोरी के खिलाफ भी लड़ाई जारी रहेगी।
रात करीब 8 बजे पुलिस ने हिरासत में लिया
दोपहर से शुरू हुआ धरना शाम तक जारी रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर को खाली कराया। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। राहुल गांधी के साथ केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी समेत कई नेता मौजूद थे। इस पूरे घटनाक्रम में सुबह संसद से शुरू हुआ विपक्ष का प्रदर्शन दोपहर में आकाशवाणी भवन तक पहुंच गया और रात में पुलिस हिरासत के साथ खत्म हुआ। कांग्रेस ने जहां इसे लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की लड़ाई बताया, वहीं चुनाव आयोग की ओर से बैठक के अनुरोध को लेकर अलग दावा सामने आया।



