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Dhanbad : धनबाद जिले में पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच एनकाउंटर हो गया। हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे ने पुलिस हिरासत से भागने के लिए सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो सीधे उसके पैर में जा लगी। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है।
हथियार बरामद कराने ले गई थी पुलिस, रास्ते में छीनी पिस्टल
पूरे मामले का खुलासा करते हुए ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब ने बताया कि आरोपी शंकर डे राम प्रताप प्रसाद की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे मैथन इलाके से धर दबोचा था। थाने लाकर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने राम प्रताप की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।
इसके बाद पुलिस टीम हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए उसे टुंडी के मनियाडीह इलाके में लेकर गई थी। मौका पाते ही शंकर ने एक सब इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल झपट ली और जान से मारने की नीयत से पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने फौरन मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में एक गोली शंकर के पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा।
लूट के पैसों के बंटवारे में हुआ था खूनी विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक राम प्रताप प्रसाद और आरोपी शंकर डे पुराने साथी थे और दोनों मिलकर कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुके थे। जून के महीने में दोनों ने गोंदूडीह इलाके में लूट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। लूट के बाद मिले पैसों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच गंभीर विवाद हो गया था। इसी झगड़े में शंकर ने राम प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अगस्त महीने में राम प्रताप की पत्नी ने गोंदूडीह ओपी में अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पति दो दिनों से लापता हैं और उन्होंने शंकर पर ही शक जाहिर किया था। इधर जांच के दौरान पुलिस को मनियाडीह से एक लावारिस शव मिला था, जिसकी शिनाख्त बाद में राम प्रताप के रूप में हुई।
अस्पताल में चल रहा इलाज, ठीक होते ही होगी सख्ती से पूछताछ
फिलहाल घायल आरोपी शंकर डे का इलाज पुलिस की कड़ी निगरानी में अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के स्वास्थ्य में सुधार होते ही उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों के साथ गिरोह में और कौन-कौन से लोग शामिल थे।
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