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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पतरातू प्रखंड के तीन सुदूर गांवों का दौरा कर ग्रामीण शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना से जुड़े जमीनी हालात का जायजा लिया। अपने इस दौरे के दौरान राज्यपाल हरिहरपुर पंचायत के राजाबेड़ा, तालाटांड के बरतुआ और हफुआ पंचायत के ईचापिरी गांव पहुंचे। वहां उन्होंने एकल अभियान के तहत चलने वाले विद्यालयों का मुआयना किया और पढ़ रहे बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर आत्मीय बातचीत की। राज्यपाल ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, सामान्य ज्ञान और खेलकूद के बारे में पूछा। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यालय संचालन समितियों से बातचीत करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ खेलकूद और अच्छे संस्कार ही बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। एकल विद्यालयों के प्रयासों की तारीफ करते हुए उन्होंने माना कि दूरदराज और अभावग्रस्त इलाकों में शिक्षा की अलख जगाकर यह अभियान पूरे झारखंड के विकास को नई रफ्तार दे रहा है।
एकल विद्यालयों से संवर रहा दूरदराज के बच्चों का भविष्य
दौरे के दौरान एकल अभियान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. ललन कुमार शर्मा ने राज्यपाल को बताया कि यह अभियान वनांचल और पिछड़े ग्रामीण इलाकों में बच्चों तक बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है। पतरातू संच के सचिव और स्थानीय मुखिया किशोर कुमार महतो ने जानकारी दी कि इन विद्यालयों का मुख्य मकसद केवल अक्षर ज्ञान देना नहीं, बल्कि पंचमुखी शिक्षा के जरिए गांव के बच्चों का समग्र विकास करना है। राज्यपाल ने विद्यालय प्रबंधन की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों से भी जोड़े रखें।

शहीद को श्रद्धांजलि, गौसेवा और मंदिर में टेका माथा
बरतुआ गांव पहुंचने पर राज्यपाल ने अमर शहीद राम प्रसाद महतो की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने गांव में गौ माता को हरा चारा और घास खिलाई तथा स्थानीय शिव मंदिर जाकर बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर पूरे क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व क्षेत्रीय संचालक सिद्धनाथ सिंह ने राज्यपाल को एक पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में राज्यपाल ने शहीद परिवार के वंशज कामेश्वर महतो, समाजसेवी मोरनाथ महतो और वकील महतो को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं ईचापिरी गांव में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी खैर मांझी के वंशज दुर्गा मांझी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का सम्मान करते हुए उनकी ऐतिहासिक कुर्बानी को याद किया।
प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम
राज्यपाल के पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया, पतरातू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघवेंद्र शर्मा और थाना प्रभारी विकास आर्यन लगातार सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रहे। कार्यक्रम में संभाग अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, राष्ट्रीय महिला प्रमुख उषा जालान के साथ-साथ गंगाधर महतो, अनीता जैन, पारिजात कुमारी, बाबूलाल गोप, राजू पाण्डेय, कर्ण महतो और देवासन गंझू सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन मुखिया किशोर कुमार महतो ने किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में अपने गांव के बच्चों और पुरखों के प्रति मिले इस सम्मान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
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