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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले के मालीपाड़ा में एक बंद पड़ी पत्थर खदान से मिले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। यह मामला सीधे तौर पर संपत्ति हड़पने और वारिस बनने के लालच से जुड़ा निकला। मृतक की पहचान दुमका के रहने वाले मंटू दास के रूप में हुई है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर की परतें खोलते हुए तीन युवकों को दबोच लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, हथौड़ी और मृतक की बाइक भी बरामद कर ली गई है।
पार्टी के बहाने बुलाया और खदान के पास उतारा मौत के घाट
वारदात की जड़ें संपत्ति के लालच से जुड़ी हैं। मंटू दास अपने साले साबिर सोरेन के घर पर ही रहता था। साबिर की अपनी कोई संतान या कानूनी वारिस नहीं था। इसी बात पर साबिर के किराएदार आलोक मुर्मू की नजर गड़ गई। आलोक की योजना साबिर का वारिस बनकर उसकी पूरी मिल्कियत पर कब्जा जमाने की थी, लेकिन इस रास्ते में मंटू दास सबसे बड़ा रोड़ा बन रहा था। रास्ते का कांटा हटाने के लिए आलोक ने मंटू को खाने-पीने की पार्टी का झांसा दिया। वह मंटू को शहरकोल पंचायत के मालीपाड़ा गांव की तरफ ले गया। वहां आलोक के दो साथी प्रीतम हेंब्रम और प्रिंस हेंब्रम पहले से घात लगाकर बैठे थे। सूनसान जगह पर पहुंचते ही तीनों ने मिलकर मंटू पर कुल्हाड़ी और हथौड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सबूत मिटाने के लिए गहरे पानी में फेंकी लाश और मोटरसाइकिल
कत्ल को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने की पूरी तैयारी कर रखी थी। उन्होंने मंटू के शव को घसीटकर पास की बंद पड़ी गहरी पत्थर खदान में फेंक दिया। इतना ही नहीं, किसी को कोई सुराग न मिले इसलिए मृतक की मोटरसाइकिल को भी उसी खदान के पानी में धकेल दिया गया। बीते 13 अक्टूबर को जब स्थानीय लोगों ने खदान में तैरती लाश देखी, तब इलाके में सनसनी फैल गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
एसआईटी ने तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंचाया शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर एसडीपीओ कुमार गौरव की अगुवाई में एक एसआईटी बनाया गया। पुलिस ने जब मानवीय सूत्रों और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया, तो सबसे पहले मृतक की शिनाख्त दुमका निवासी मंटू दास के रूप में हुई। इसके बाद मंटू के अंतिम संपर्कों की पड़ताल करते हुए पुलिस टीम आलोक मुर्मू तक पहुंच गई। सख्ती से पूछताछ करने पर आलोक टूट गया और उसने अपने दोनों साथियों प्रीतम व प्रिंस के नाम उगल दिए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और खदान से मंटू की बाइक के साथ-साथ एक अन्य संदिग्ध मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
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