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Patna : “यह सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि बिहार के हमारे होनहार युवाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों तक पहुंचने का खुला रास्ता है।” राजगीर के अत्याधुनिक खेल परिसर में जब सीएम सम्राट चौधरी ने ये शब्द कहे, तो सामने बैठे खिलाड़ियों और दर्शकों की तालियों से पूरा मैदान गूंज उठा। मौका था भारत और न्यूजीलैंड के बीच अंडर-20 अंतरराष्ट्रीय रग्बी सेवेंस सीरीज के भव्य आगाज का। सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी खेल नीति का जिक्र करते हुए साफ किया कि भारत और न्यूजीलैंड के 100 साल पुराने खेल संबंधों का यह जश्न बिहार के खेल जगत को एक नई दिशा देगा। सदियों पुराने इतिहास के लिए मशहूर राजगीर की यह धरती अब आधुनिक खेल संस्कृति के एक नए अध्याय की गवाह बन रही है।

सीएम ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला, जर्सी का हुआ अनावरण
मैच की सीटी बजने से पहले सीएम खुद मैदान में उतरे और भारत व न्यूजीलैंड दोनों टीमों के युवा खिलाड़ियों से एक-एक करके मिले। खिलाड़ियों ने पूरे गर्मजोशी से अपना परिचय दिया, तो सीएम ने उनकी पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान दोनों देशों के खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली विशेष जर्सी का अनावरण भी किया गया। सीएम ने जोर देकर कहा कि बिहार अब खेल के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है और रग्बी जैसे तेज-तर्रार खेल को राज्य में बढ़ावा मिलने से हमारे ग्रामीण और कस्बाई युवाओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा दिखाने का सीधा मौका मिलेगा। भारतीय रग्बी संघ के अध्यक्ष राहुल बोस ने इस मौके पर सीएम को प्रतीक चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया और राज्य में खेल ढांचे की हो रही तरक्की की सराहना की।

जब मैदान पर गूंजी माओरी और रोंगटे खड़े कर गया ‘हाका’
औपचारिक शुरुआत और राष्ट्रगान के ठीक बाद मैदान का नजारा पूरी तरह बदल गया। न्यूजीलैंड की माओरी टीम जब मैदान के बीच में आई और उसने अपना सदियों पुराना पारंपरिक ‘हाका’ नृत्य शुरू किया, तो दर्शक सांस रोके देखते रह गए। पैरों की भारी थाप, छाती पर हाथ मारते खिलाड़ी, चेहरे के आक्रामक हाव-भाव और गूंजती आवाज ने स्टेडियम के माहौल में गजब की ऊर्जा भर दी। स्थानीय दर्शकों के लिए यह एक बिल्कुल नया और हैरान कर देने वाला अनुभव था, जिसे उन्होंने अब तक सिर्फ टीवी स्क्रीन पर देखा था। जैसे ही हाका खत्म हुआ, दर्शकों ने खड़े होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और दोनों देशों की सांस्कृतिक सांझ जीवंत हो उठी।

रफ्तार, ताकत और खेल भावना का दिखा बेजोड़ संगम
हाका के तुरंत बाद भारत और न्यूजीलैंड माओरी की अंडर-20 पुरुष और महिला टीमों के बीच मैदान पर कड़ा मुकाबला शुरू हुआ। रग्बी की तेज दौड़, जोरदार टैकल और गोल लाइन की तरफ गेंद लेकर भागते खिलाड़ियों ने मुकाबले को हर पल रोमांचक बनाए रखा। यह पहला मौका है जब न्यूजीलैंड की अंडर-20 टीम भारत की जमीन पर इस तरह की सीरीज खेलने उतरी है, और इसका गवाह राजगीर बना। मैदान में दोनों टीमों के बीच मुकाबला भले ही कांटे का रहा, लेकिन खेल खत्म होते-होते खिलाड़ियों के बीच आपसी दोस्ती और सम्मान साफ नजर आया।

खेल के इस महाकुंभ में एक साथ जुटे कई खास मेहमान
राजगीर में 23 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस खेल उत्सव को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक तो पहुंचे ही, साथ ही कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, न्यूजीलैंड के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैथ्यू आयर्स के अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्र शंकरण, नालंदा की डीएम उदिता सिंह, एसपी हृदय कांत और कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरा आयोजन यह संदेश दे गया कि राजगीर का यह मैदान आने वाले दिनों में देश और दुनिया के कई और बड़े खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

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