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Lucknow : सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। करीब 4500 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले हफ्ते से उनके नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे। इसके अलावा 32 हजार से ज्यादा पुलिस कांस्टेबल और 42 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है, जिन्हें बहुत जल्द नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। सीएम लखनऊ में आयोजित टीओआई यूथ आइकॉन्स समिट एंड अवॉर्ड्स कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाने वाले 37 युवाओं को सम्मानित किया और ‘उत्तर प्रदेश सकारात्मक बदलाव के 09 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
सोशल मीडिया रील से समझाया राज्य का बदलाव
सीएम ने अपने संबोधन में आज के दौर की सोशल मीडिया रील का दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आजकल इंटरनेट पर बिफोर और आफ्टर वाली रील खूब चलती हैं, जिसमें पहले और बाद का अंतर दिखाया जाता है। ठीक इसी तरह उत्तर प्रदेश के पिछले साढ़े नौ साल के सफर को भी आठ अलग-अलग फ्रेम के जरिए समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले राज्य के लोगों के सामने पहचान और सुरक्षा का बहुत बड़ा संकट था। उस दौर में प्रदेश के बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान बताने में झिझकते थे और राज्य के भीतर भी हर वक्त डर का माहौल रहता था।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सिफारिश की जगह केवल योग्यता और मेरिट को तरजीह दी जा रही है। पहले जहां सरकारी नौकरियों में लेनदेन की बातें सामने आती थीं, वहीं अब तक साढ़े नौ साल में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं रहा, बल्कि वह दूसरों को काम देने वाला बन रहा है।

मेडल लाओ और सरकारी पद पाओ की नीति
खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए सीएम ने कहा कि पहले खेल प्रतिभाओं को अपने भविष्य को लेकर चिंता सताती रहती थी। लेकिन राज्य सरकार ने एक साफ नीति बनाई है कि देश के लिए पदक लाओ और उत्तर प्रदेश में पद पाओ। इसी नीति का नतीजा है कि एथलीट पारुल चौधरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने के बाद डिप्टी एसपी बनाया गया। इसी तरह गाजीपुर के साधारण परिवार से निकले हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल और ओलंपिक पदक विजेता ललित उपाध्याय को भी डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्त किया गया।
उन्होंने बताया कि सरकार अब तक करीब 1,400 खिलाड़ियों को बिना किसी लंबी चयन प्रक्रिया के सीधे उनके खेल प्रदर्शन और मेडल के आधार पर सरकारी नियुक्तियां दे चुकी है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा मिली है और वे बिना किसी मानसिक दबाव के सिर्फ अपने अभ्यास और खेल पर ध्यान लगा पा रहे हैं।
रील लाइफ छोड़कर रियल लाइफ में बनाएं मुकाम
सीएम ने युवाओं को सीधी सलाह देते हुए कहा कि आज के दौर में रील और सोशल मीडिया ट्रेंड का असर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। लेकिन युवाओं को केवल रील लाइफ में उलझे रहने के बजाय रियल लाइफ की ओर बढ़ना चाहिए। अपनी प्रतिभा को जमीन पर उतारकर असली उपलब्धियां हासिल करनी होंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का काम सिर्फ अवसर और सही माहौल तैयार करना है। उन मौकों को भुनाकर आगे बढ़ना युवाओं की खुद की मेहनत पर निर्भर करता है। युवाओं को अपना लक्ष्य खुद तय करना होगा, अपनी स्किल बढ़ानी होगी और राज्य में बन रही नई संभावनाओं का पूरा फायदा उठाना होगा। जब युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी समाज और देश का वास्तविक विकास संभव हो सकेगा।

अपराध पर जीरो टॉलरेंस से सुधरा माहौल
कानून व्यवस्था की चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि 2017 में सरकार बनते ही अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। पहले माफिया और बाहुबलियों का दबदबा चलता था, लेकिन अब वे बीते दिनों की बात हो चुके हैं। इस सख्त रवैये से प्रदेश की कार्य संस्कृति पूरी तरह बदल गई है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा का सबसे बड़ा पैमाना यह है कि आज हमारी बेटियां और बहनें बेखौफ होकर रात की शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। लखनऊ के एचसीएल परिसर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब कंपनी ने महिलाओं से नाइट शिफ्ट कराने का प्रस्ताव रखा, तो सरकार ने नियमों में जरूरी बदलाव किए। इसके बाद जब उन्होंने खुद वहां काम करने वाली बेटियों से बात की, तो पता चला कि उन्नाव, सीतापुर और बाराबंकी जैसे आसपास के जिलों से आने वाली युवतियां भी रात दो बजे बिना किसी डर के सुरक्षित अपने घर लौटती हैं। जब परिवार को सुरक्षा का भरोसा होता है, तभी महिलाएं खुलकर काम कर पाती हैं।
स्टार्टअप और छोटे उद्योगों से 3 करोड़ से ज्यादा रोजगार
प्रदेश में व्यापार और स्वरोजगार के माहौल पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में महज 120 के आसपास स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 25 हजार तक पहुंच चुकी है। नए कारोबारियों और युवाओं की मदद के लिए सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये का फंड बनाया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए हर साल एक लाख युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए आसान कर्ज और सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं, जिन्हें सरकार पांच लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा कवर दे रही है। इस छोटे उद्योग के क्षेत्र ने अकेले प्रदेश के 3.25 करोड़ से ज्यादा लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ओडीओपी योजना ने हर जिले के पारंपरिक हुनर और कारीगरों को पूरी दुनिया में नया बाजार दिलाया है।

ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर एआई और डेटा सेंटर का हब
सीएम ने बताया कि अब उत्तर प्रदेश सिर्फ खेती-किसानी तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक और रक्षा निर्माण का बड़ा केंद्र बन रहा है। उन्होंने कोरोना काल का किस्सा साझा करते हुए बताया कि 2020-21 में डीआरडीओ ने लखनऊ में हाइपरसोनिक मिसाइल प्रोजेक्ट लगाने का प्रस्ताव रखा था। उस समय खजाने पर भारी दबाव था, फिर भी सुरक्षा और रोजगार को देखते हुए सरकार ने तुरंत जमीन मुहैया कराई।
शर्त सिर्फ इतनी रखी गई कि इस प्रोजेक्ट में उत्तर प्रदेश के तकनीकी संस्थानों के युवाओं को काम मिलना चाहिए। इसका नतीजा यह हुआ कि एकेटीयू और अन्य कॉलेजों के करीब 500 युवा इंजीनियरों को सीधे वहां काम मिला। इस प्रोजेक्ट से सरकार को 35 करोड़ रुपये का जीएसटी भी मिला। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ को एआई सिटी के रूप में तैयार किया जा रहा है। कानपुर में ड्रोन और नोएडा में रोबोटिक्स के बड़े केंद्र बन रहे हैं। प्रदेश में डेटा सेंटर तेजी से खुल रहे हैं और साइबर अपराध से निपटने के लिए लखनऊ में साइबर सिक्योरिटी का नया मुख्यालय बनाने को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है।
कनेक्टिविटी और आस्था से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था
बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश और रोजगार तभी आता है, जब वहां सड़कें, रेल और हवाई संपर्क बेहतर हों। पहले यूपी में बमुश्किल डेढ़ एक्सप्रेसवे हुआ करते थे, जबकि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 फीसदी हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है। हवाई अड्डों की संख्या दो से बढ़कर 17 हो गई है, जिनमें पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। गोरखपुर जैसे शहर से आज रोजाना 14 से ज्यादा उड़ानें भरी जा रही हैं। प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो दौड़ रही है और देश की पहली रैपिड रेल भी यहीं चल रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत और आस्था भी राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रही है। पिछले साल प्रदेश में करीब 156 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आए। काशी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज और विंध्याचल जैसे तीर्थ स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं से सिर्फ मंदिरों को ही लाभ नहीं होता, बल्कि स्थानीय नाविकों, टैक्सी चालकों, छोटे दुकानदारों, होटल और ढाबा चलाने वालों की रोजी-रोटी भी सीधे तौर पर चलती है।
बीमारू राज्य से देश की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनने का सफर
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कभी बीमारू राज्य कहा जाता था और यह आर्थिक पायदान पर नीचे से तीसरे नंबर पर रहता था। लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों की मेहनत के बाद आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से शामिल हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब 36 लाख करोड़ रुपये के स्तर की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।
इस दौरान प्रदेश के बजट का आकार तीन गुना बढ़ चुका है और नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग तीन गुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कामकाजी महिलाओं की भागीदारी में भी तीन गुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है। राज्य सरकार को देश-विदेश के उद्योगपतियों से करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट जमीन पर उतर चुके हैं और साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाएं और जिम्मेदारी निभाएं
अपने संबोधन के आखिर में सीएम ने लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। आज जो युवा सम्मानित हुए हैं, वे आने वाले 20 साल बाद अपने-अपने क्षेत्रों में देश की अगुवाई कर रहे होंगे। इसलिए युवाओं को आज ही यह तय करना होगा कि वे आने वाले कल का कैसा भारत और कैसा उत्तर प्रदेश देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन इस आजादी के साथ मर्यादा और जिम्मेदारी का होना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं से अपील की कि जिनकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है, वे मतदाता सूची में अपना नाम जरूर दर्ज कराएं और चुनाव के दिन वोट डालने जरूर जाएं। मतदान केवल हमारा संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि एक नागरिक के रूप में हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य भी है। युवाओं के सही फैसले ही प्रदेश और देश की तकदीर तय करेंगे। इस कार्यक्रम को टाइम्स ऑफ इंडिया लखनऊ के रेजिडेंट एडिटर प्रवीण कुमार ने भी संबोधित किया, जबकि मंच पर सांसद रवि किशन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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