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Ranchi : रांची के मांडर थाना इलाके के टिको टोली गांव में डेयरी के पास बीते 29 अक्टूबर को हुई 55 साल के रामू उरांव की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुरानी जमीनी रंजिश में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी पांच सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपी ठाकुरगांव थाना क्षेत्र के अड़ा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया है।
घात लगाकर डेयरी के पास मारी थी गोली
वारदात 29 अक्टूबर की है। सेवाडीह गांव के रहने वाले रामू उरांव किसी काम से टिको टोली गए हुए थे। इसी दौरान डेयरी के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और नजदीक से गोली मार दी। गोली लगते ही रामू उरांव वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही मांडर थाना पुलिस और खलारी डीएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। बाद में मृतक की पत्नी ने थाने में हत्या की नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में हत्या और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जमीन को लेकर 10 साल से चल रही थी रंजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी के निर्देश पर रुरल एसपी गौरव गोस्वामी की देखरेख में खलारी डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने जब मामले की पड़ताल की और तकनीकी मदद ली तो पूरा मामला जमीन के लफड़े से जुड़ा निकला। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि रामू उरांव के साथ उनका करीब 10 साल से जमीन का विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। आरोपियों ने काफी समय से रामू को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे डाला।
दो अलग-अलग दिनों में हुई सभी भाइयों की गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने सुराग मिलते ही तेजी से छापेमारी शुरू की। पहले चरण में 30 अक्टूबर को पुलिस ने तीन सगे भाइयों राम जनम सिंह, तेज नारायण सिंह उर्फ तेजना सिंह और धुरवा सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार बाकी बचे दो आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। 1 नवंबर को एसआईटी ने गुप्त सूचना के आधार पर ठाकुरगांव इलाके में दबिश देकर बाकी दोनों भाइयों कुलदीप सिंह और राजेंद्र सिंह उर्फ विपिन सिंह को भी धर दबोचा। इस तरह पुलिस ने वारदात के महज कुछ ही दिनों के भीतर हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
सराहनीय रही इनकी भूमिका
इस कांड को खुलासा करने और संदेही गुनहगारों को धर दबोचने में खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी, मांडर के सर्किल इंस्पेक्टर जय प्रकाश राणा, मांडर थानेदार मनोज करमाली, ठाकुरगांव थाना प्रभारी शुभम कुमार, चान्हों थानेदार टिंकु रजक, बुढ़मू थाना प्रभारी नवीन कुमार, एसआई रंजीत किशोर, अरविंद कुमार, सुमन कुमार शर्मा और दिलीप कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
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