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Patna : बिहार में बाढ़ और नदियों के कटाव से मिलने वाली राहत को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। सीएम ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार लंबे समय से जिस गाद नीति की मांग उठा रहे थे, उसे केंद्र सरकार ने साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है।
केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत बिहार की विभिन्न नदियों से लगभग 4 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकाली जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया और गाद के सही इस्तेमाल का काम केंद्रीय मंत्रालय खुद संभालेगा। इससे न सिर्फ बिहार को हर साल आने वाली भीषण बाढ़ से राहत मिलेगी, बल्कि किसानों के खेतों की उपजाऊ मिट्टी के कटाव को रोकने में भी बड़ी मदद मिलेगी। सीएम ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।
अयोध्या से सीतामढ़ी तक सीधे ट्रेन की मांग, छठ-दिवाली पर ज्यादा गाड़ियां
दिल्ली दौरे के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्रीय रेल मंत्री से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अयोध्या से मां सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी शुरू करने की मांग रखी। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो भगवान राम और माता सीता की जन्मस्थली आपस में सीधे रेल मार्ग से जुड़ जाएगी।
इसके अलावा, आगामी दिवाली और छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए बिहार आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की गई है। पिछले साल त्योहारों के दौरान 10 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। सीएम ने इस बार बिहार वासियों के सुगम सफर के लिए इससे भी अधिक संख्या में विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिहार में बनेंगे 5 नए औद्योगिक कॉरिडोर, 13 हजार एकड़ जमीन होगी उपलब्ध
राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए गया के ‘भाव्या योजना’ की तर्ज पर पांच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को सौंपा गया है। इसमें मुजफ्फरपुर और दरभंगा का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए करीब 13 हजार एकड़ जमीन चिन्हित कर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें से अब तक 1 हजार से ज्यादा उद्योगों को जमीन दी जा चुकी है।
तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में पटना में ‘कंट्रोल एस’ नाम से राज्य का पहला बड़ा डाटा सेंटर भी बनकर तैयार हो चुका है, जिसका उद्घाटन कर दिया गया है। इसके साथ ही, राज्य में नए उद्योगों के लिए जल्दी पर्यावरणीय मंजूरी पाने और बिहार में पीपीपी मॉडल पर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी सकारात्मक बातचीत हुई है। सीएम ने कहा कि सरकार सुशासन, बेहतर बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के संकल्प के साथ राज्य को विकसित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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