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Ranchi : रांची के बड़गांई इलाके की करीब 8.86 एकड़ जमीन में कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में सीएम हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल दो याचिकाओं पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सीएम ने पीएमएलए की विशेष अदालत के उन आदेशों को चुनौती दी है, जिनमें उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी गई थी और बिना किसी अभियोजन स्वीकृति के मामले पर संज्ञान ले लिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान सीएम के वकीलों ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से कुछ और मोहलत मांगी। अदालत ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तारीख तय कर दी है। बुधवार को ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरव कुमार ने अदालत में दलीलें पेश कीं।
निचली अदालत के फैसले को दी गई है चुनौती
सीएम हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिकाओं में पीएमएलए विशेष अदालत के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। याचिका में कहा गया है कि मामले में बिना जरूरी अभियोजन मंजूरी लिए ही संज्ञान ले लिया गया, जो कानूनी तौर पर सही नहीं है। इसके साथ ही डिस्चार्ज अर्जी खारिज किए जाने को भी अनुचित बताते हुए राहत की मांग की गई है। बुधवार को जब मामला सुनवाई पर आया तो सीएम के पक्ष की ओर से ईडी के दाखिल जवाब का विस्तृत प्रतिउत्तर पेश करने के लिए थोड़ा वक्त मांगा गया, जिस पर कोर्ट ने सहमति दे दी।
17 आरोपितों पर पहले ही तय हो चुके हैं आरोप
बड़गांई जमीन मामले में फर्जीवाड़े की जांच करते हुए ईडी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने झामुमो नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह और कई जमीन कारोबारियों के यहां दस्तावेज खंगाले थे। जांच पूरी होने के बाद ईडी ने विशेष अदालत में चार्जशीट पेश की थी। इस मामले में पीएमएलए कोर्ट अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह और राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रसाद प्रताप समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ पहले ही आरोप तय कर चुकी है।
जमीन कारोबारियों और कर्मियों पर कसा है शिकंजा
इस पूरे मामले में राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रसाद प्रताप और झामुमो नेता अंतू तिर्की के अलावा बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद जैसे नाम शामिल हैं, जिन पर अदालत में आरोप तय किए गए हैं। अब इस मामले से जुड़ी सीएम की याचिकाओं पर हाईकोर्ट 2 दिसंबर को आगे की सुनवाई करेगा।
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