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Patna : पुलिस महकमे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न स्तरों पर अटके मामलों को तेजी से निपटाने के लिए गृह विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार, 4 नवंबर को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन के कामकाज, बजट के खर्च से जुड़े एसी-डीसी बिलों के समायोजन, विभागीय स्तर पर चल रही कार्रवाइयों और अदालतों में लंबित मुकदमों की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में मौजूद अफसरों को साफ निर्देश दिया गया कि वे अपनी कार्यशैली में तेजी लाएं और तय समयसीमा के भीतर परिणामों पर ध्यान दें।
अदालत और विभाग के लंबित मामलों का जल्द हो निपटारा
समीक्षा के दौरान प्रधान सचिव ने अलग-अलग स्तरों पर लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मामलों का लंबे समय तक खिंचना कामकाज पर सीधा असर डालता है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी कोर्ट केस और विभागीय जांच के मामलों को अपनी प्राथमिक सूची में रखें और बिना किसी अनावश्यक देरी के उनका त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर
प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन के ढांचागत सुदृढ़ीकरण के काम को सबसे आगे रखा जाए। पुलिस की आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों को मजबूत करने के लिए जो भी योजनाएं और काम चल रहे हैं, उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और चुस्त पुलिसिंग के लिए बुनियादी ढांचे का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसके लिए तय प्राथमिकताओं के अनुसार बिना रुके काम आगे बढ़ना चाहिए।
बैठक में ये आला अधिकारी रहे मौजूद
उच्चस्तरीय बैठक में गृह विभाग और पुलिस महकमे के कई आला अधिकारी शामिल हुए। इनमें आईजी (मुख्यालय) मनोज कुमार, अपर सचिव कुंदन कुमार, संयुक्त सचिव कमल नयन और निदेशक (अभियोजन) सुधांशु कुमार चौबे समेत विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों पर तेजी से अमल करने को कहा गया है।
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