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Ranchi : दीपावली की एक शाम पहले मुंगेर जिले का छोटा सा कस्बा कल्याणपुर रोशनी के समंदर में डूबा नजर आया। मौका था यूथ क्लब कल्याणपुर द्वारा आयोजित भव्य दीपोत्सव का, जहां एक साथ 11 लाख 11 हजार 111 दीए जलाकर एक अनूठा कीर्तिमान रचा गया। शाम ढलते ही श्री श्री 108 बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर परिसर की हर सीढ़ी, हर कोना और पूरा इलाका मिट्टी के नन्हे दीयों की सुनहरी रोशनी से जगमगा उठा। इस अद्भुत नजारे के बीच सीएम सम्राट चौधरी ने खुद पहला दीप जलाकर उत्सव की शुरुआत की। उन्होंने मां दुर्गा की चौखट पर शीश नवाया और पूरे बिहार के लिए सुख, शांति व खुशहाली की दुआ मांगी। पूरा कस्बा मानो उत्सव के रंग में रंगा हुआ था और लोगों ने सड़कों पर कतार बनाकर, हाथों में फूल-मालाएं लेकर मुख्यमंत्री का इस्तकबाल किया।

मुंगेर से भागलपुर तक बनेगी 83 किमी लंबी खूबसूरत मरीन ड्राइव
कल्याणपुर की इस पावन धरती से सीएम ने इलाके के लोगों के सफर को आसान और खुशनुमा बनाने के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि मुंगेर और भागलपुर के बीच करीब 83 किलोमीटर लंबी मरीन ड्राइव बनाई जाएगी। यह सड़क सिर्फ दो शहरों के फासले को कम नहीं करेगी, बल्कि इलाके के लोगों के लिए नए कारोबार, बाजार और तरक्की के दरवाजे भी खोलेगी। गंगा किनारे बनने वाले इस रास्ते से इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हर खेत तक पहुंचेगा गंगा का पानी, किसानों को बाढ़ और सूखे से मिलेगी राहत
भाषण के दौरान सीएम का दर्द किसानों की दिक्कतों को लेकर भी छलका। हाल ही में नेपाल और सोन नदी से आए उफान के चलते जो नुकसान हुआ था, उसकी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब गंगा के पानी का सही इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ इसको लेकर एक जरूरी समझौता हुआ है। नदी से गाद निकाली जाएगी और जगह-जगह मजबूत बांध व जल संरचनाएं बनाकर गंगा की धार को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा। मकसद साफ है कि जब जरूरत हो तो खेतों को सिंचाई का पानी मिले और बरसात में बाढ़ से फसलें तबाह न हों।

2030 तक रोकेंगे मजबूरी का पलायन, बिहार में ही तैयार होंगे रोजगार के मौके
आस्था के इस मंच से मुख्यमंत्री ने बिहार के युवाओं के भविष्य का रोडमैप भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा संकल्प है कि वर्ष 2030 से पहले ऐसी मजबूत व्यवस्था बने, जिससे राज्य के किसी भी नागरिक को मजबूरी में रोजी-रोटी के लिए परदेस न जाना पड़े। सरकार ने एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने का बीड़ा उठाया है। इसके साथ ही अगले पांच सालों में एक करोड़ परिवारों को अपना उद्यम शुरू करने में मदद दी जाएगी। इस जलसे में स्थानीय विधायकों, विधान पार्षदों, वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ इलाके के डॉक्टर और भारी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक शाम को अपनी आंखों में संजो लिया।

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