Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 10 October, 2026 • 05:33 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » अलविदा-2022 : अल्पसंख्यकों पर मेहरबान रही मोदी सरकार
देश

अलविदा-2022 : अल्पसंख्यकों पर मेहरबान रही मोदी सरकार

December 27, 2022No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

नई दिल्ली: केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर अल्पसंख्यकों को लेकर कई बार प्रश्न खड़े करने का प्रयास होता रहता है। अनेक अवसरों पर विरोधियों की कोशिश रहती है कि कैसे अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमान और ईसाईयों के नाम पर मोदी सरकार को घेरा जाए, जबकि इसके इतर जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है, वह अल्पसंख्यकों को लगातार सौगातें देती जा रही है। बात यदि साल 2022 की करें तो यह अल्पसंख्यकों के मामले में उनके लिए कई उपलब्धियों से भरा साबित हुआ है।

अल्पसंख्यकों को मिला अब तक का सबसे अधिक बजट

अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के लिए पहले कभी ऐसा देखने में आया कि इतना धन रखा गया हो, जितना कि लगातार मोदी सरकार रख रही है। सरकार ने अल्पसंख्यक मंत्रालय के लिए अपने बजट में 5020.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इससे पहले वर्ष 2021-22 में मंत्रालय के लिए 4810.77 करोड़ रुपये आवंटित था। हालांकि संशोधित आवंटन में इस राशि को 4346.45 करोड़ रु. किया गया, फिर भी यह पिछले वित्त वर्ष के आंकड़े के मुकाबले 674.05 करोड़ रुपये अधिक रहा है। इसी प्रकार 2014 से केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से देखा जा सकता है कि सरकार धीरे-धीरे अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ हर साल बजट में राशि बढ़ाती जा रही है।

अल्पसंख्यक बेटियों-महिलाओं की शिक्षा और हुनर को आगे लाई मोदी सरकार

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के आंकड़ों को देखें तो जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है तब से अब तक 4 करोड़ 43 लाख 50 हजार 785 प्री-मैट्रिक छात्रवृत्तियां दी गई हैं। इनमें 52.24 फीसदी बेटियों की हिस्सेदारी है। 57 लाख 06 हजार से अधिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियों में 55.91% पर बेटियां और 10 लाख 2 हजार 72 योग्यता सह-साधन छात्रवृत्ति में 37.81 फीसदी बेटियों को यह प्रदान की गई हैं। इस साल 11 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन लड़कियों के लिए गैर-पारंपरिक आजीविका में कौशल पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का गवाह बना। जहां पर ‘बेटी बने कुशल’ में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, महिला और बाल विकास मंत्रालय व कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
केंद्र सरकार ने साल 2022 में प्रधानमंत्री विकास योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों को शुरू किया गया, जिसमें प्रमुख रहा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम के माध्यम से 14 लाख 12 हजार 425 महिला लाभार्थियों को ऋण प्रदान किया जाना । अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय समग्र पोषण (पोषण अभियान) प्रधानमंत्री की व्यापक योजना के राष्ट्रीय एजेंडे में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। इस पहल के तहत मंत्रालय ने लगभग 8 लाख महिला लाभार्थियों तक अपनी पहुंच बनाई है ।

मोदी सरकार ने दी हज यात्रियों को उम्दा व्यवस्थाएं

इस साल 79 हजार 200 भारतीय हज यात्रियों ने मेहरम के बिना हज में हिस्सा लिया । साथ ही पहली बार भारतीय हज समिति ने सभी हज यात्रियों के लिए मरकजिया में रहने की व्यवस्था की । सरकार ने इस साल प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन ”पीएम विकास योजना” की परिकल्पना की थी। इसके तहत सरकार की मंशा रही, वह मौजूदा पांच योजनाओं- सीखो और कमाओ (एसएके), उस्ताद, हमारी धरोहर, नई रोशनी और नई मंजिल का विलय करते हुए अधिकांश घरों में उजियारा बिखेर सके।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा-

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य के केंद्रीय मंत्री रहे मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि विश्व भर में रहने वाले हर दस मुसलमान में से एक मुसलमान भारत का है, जो कि सामाजिक, आर्थिक या संवैधानिक दायरे में रहते हुए हर तरह की स्वतंत्रता के साथ यहां रहता है। उन्होंने कहा कि भारत में तीन लाख से ज्यादा मस्जिदें हैं। हजारों चर्च, गुरुद्वारे, बौद्ध प्रार्थना घर, पारसी और जैन मंदिर हैं। देश में 50 हजार से ज्यादा पंजीकृत मदरसे और इतने ही अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान हैं । आज ये सभी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अनेकता में एकता को दर्शाने वाले श्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों के दौरान आप देख सकते हैं कि मोदी सरकार के बिना भेदभाव के विकास के अपने संकल्प को पूरा करने का कार्य किया है और वह इसे आगे भी इसी तरह जारी रखेगी ।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleनाक से दी जाने वाली वैक्सीन की तय हो गयी कीमत
Next Article मुख्यमंत्री राष्ट्रीय खादी और सरस महोत्सव का कल करेंगे उद्घाटन

Related Posts

Headlines

रांची में कैरेबियाई तूफान : वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ रचा इतिहास

October 9, 2026
Headlines

महिला से मारपीट के इल्जाम में थानेदार समेत दो सस्पेंड, CM के निर्देश पर SP ने लिया एक्शन

October 9, 2026
Headlines

स्वाद, सेहत और समृद्धि की नई इबारत… एक मुट्ठी मखाना ने खोल दिए बिहार के लिए दुनिया भर के दरवाजे

October 9, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 10 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 10, 2026

रांची में कैरेबियाई तूफान : वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ रचा इतिहास

October 9, 2026

महिला से मारपीट के इल्जाम में थानेदार समेत दो सस्पेंड, CM के निर्देश पर SP ने लिया एक्शन

October 9, 2026

स्वाद, सेहत और समृद्धि की नई इबारत… एक मुट्ठी मखाना ने खोल दिए बिहार के लिए दुनिया भर के दरवाजे

October 9, 2026

तारीख तय, अब टेंशन खत्म… बिहार में 1.08 करोड़ खातों में एक साथ पहुंचेगी ‘राहत’

October 9, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.