अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Latehar : झारखंड के लातेहार जिले में अफीम तस्करी की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम विवादों में घिर गई है। हेरहंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने बरियातू थानेदार, मुंशी और एक निजी चालक पर सादे लिबास में आकर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। यह मामला सामने आने और सीएम हेमंत सोरेन के कड़े रुख के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। लातेहार एसपी कुमार गौरव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरियातू थानेदार प्रभात कुमार दास और सीसीटीएनएस ऑपरेटर आरक्षी मनीष कुमार राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
महिला ने लगाया मारपीट का आरोप, सीएम ने दिए सख्त निर्देश
मामले की शुरुआत तब हुई जब हेरहंज थाना क्षेत्र के मेलम माल्हन टोला निवासी पुनिया देवी और अन्य स्थानीय महिलाओं ने आला पुलिस अधिकारियों को एक लिखित शिकायत सौंपी। इस आवेदन को ग्राम प्रधान और मुखिया ने भी अग्रसारित किया था। शिकायत में पुनिया देवी ने आरोप लगाया कि 5 अक्टूबर की दोपहर करीब दो बजे बरियातू थानेदार प्रभात कुमार दास, मुंशी मनीष कुमार और एक निजी चालक चंद्रदेव ठाकुर सिविल ड्रेस में बगनदी महुआ के पास पहुंचे। उन्होंने पोस्ता और अफीम के अवैध कारोबार का आरोप लगाते हुए उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
यह पूरा मामला सीएम हेमंत सोरेन के संज्ञान में पहुंचते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर लातेहार एसपी को तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति कतई स्वीकार्य नहीं है, पुलिस मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें और इसकी सूचना दें।
गुप्त सूचना पर छापामारी करने गई थी पुलिस टीम
शिकायत मिलने के बाद बालूमाथ के एसडीपीओ उमेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया, जिसमें महिला सब इंस्पेक्टर सुशीला केशरी भी शामिल थीं। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि 5 अक्टूबर को थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास को गुप्त सूचना मिली थी कि पुनिया देवी का पति मुकेश गंझू और इंदुआ निवासी पिंटू यादव अवैध रूप से अफीम की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए थाना प्रभारी अपने आरक्षी मनीष कुमार राम और एक निजी चालक के साथ मौके पर पहुंचे थे। जांच के अनुसार, छापामारी के दौरान मुकेश गंझू, पिंटू यादव और पुनिया देवी मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि पुनिया देवी के पास अवैध अफीम बरामद हुई थी। जैसे ही आरोपियों को भनक लगी कि सामने खड़े लोग पुलिसकर्मी हैं, पुनिया देवी ने आरक्षी मनीष के हाथ पर दांत से काट लिया और अफीम का पैकेट छीनकर पिंटू यादव को दे दिया, जो मौके से फरार हो गया।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, निलंबन की हुई कार्रवाई
जांच दल ने पाया कि एनडीपीएस एक्ट के नियमों के तहत किसी भी तरह की छापामारी या जब्ती राजपत्रित पदाधिकारी या दंडाधिकारी की मौजूदगी में की जानी चाहिए थी। बरियातू पुलिस ने किसी वरीय अधिकारी या मजिस्ट्रेट की गैरमौजूदगी में ही कार्रवाई शुरू कर दी, जो कानूनी प्रक्रिया और नियमों के बिल्कुल खिलाफ था। नियमों की इसी गंभीर अनदेखी और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की प्राथमिक पुष्टि के आधार पर थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और आरक्षी मनीष कुमार राम को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। संयुक्त जांच टीम पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है और महिला द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
इसे भी पढ़ें : डीसी मेघा ने सुनी समस्याएं, बोली- न काटने पड़े दफ्तरों के चक्कर, समय पर करें काम


