अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
News Samvad : लैंड फॉर जॉब मामले में RJD सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांचे जा रहे इस मामले में लालू यादव पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति ने सीआरपीसी की धारा 197(1) और बीएनएसएस, 2023 की धारा 218 के तहत यह अनुमति दी है। ईडी ने पिछले साल अगस्त में धन शोधन निवारण अधिनियम (PLMA) के तहत लालू यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
क्या हैं इल्जाम
RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए नौकरी के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली। पटना के कई लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से लालू के परिवार के सदस्यों को जमीन बेची। इस मामले में बिना किसी विज्ञापन या नोटिस के रेलवे में भर्ती की गई थी। सीबीआई का कहना है कि लालू यादव के परिवार ने पटना में 1,05,292 फुट जमीन विक्रेताओं से नकद भुगतान कर खरीदी थी। चार्जशीट में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और 14 अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।
जमीन के बदले नौकरी मामले में घिरे RJD सुप्रीमो लालू यादव का यह केस आज का नहीं ब्लकि उस समय का है जब लालू यादव 2004 से 2009 वर्ष तक रेल मंत्री थे। इस दौरान मध्यप्रदेश में रेलवे डी ग्रुप की भर्ती निकली थी। इस भर्ती में CBI ने आरोप लगाया कि जमीन के बदले नौकरी देना का घोटाला किया गया था और 18 मई 2022 को केस दर्ज किया गया था और जुलाई महिने में लालू यादव को गिरफ्तार किया गया था।
इसे भी पढ़ें : CM हेमंत ने दिवंगत शिक्षा मंत्री के बेटा-बहू को दिया आशीर्वाद
इसे भी पढ़ें : ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा ने ले लिया बड़ा फैसला… जानें क्या
इसे भी पढ़ें : नौ मई से रांची रेल मंडल की 6 ट्रेनें रद्द… जानें क्यों

