अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
New Delhi : विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान के खिलाफ कड़े तेवर अपनाए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों का कड़ा जवाब दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि टीआरएफ ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन पाकिस्तान ने आतंकवादियों का बचाव किया। उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है।”
कर्नल सोफिया ने बताया कि पाकिस्तान ने 7 और 8 मई को भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में कई ड्रोन हमलों का प्रयास किया था, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया और लाहौर में स्थित एक एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया।
विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवादियों संग संबंध खुला राज है, जिसे उसके उच्च पदाधिकारी भी स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकियों का समर्थन किया है और आतंकी हमलों की जांच में सहयोग करने से इंकार किया है।
विक्रम मिस्री ने कहा कि 7 मई को भारत ने केवल आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया था, किसी सैन्य ठिकाने को नहीं। पाकिस्तान के द्वारा पुंछ में सिख गुरुद्वारे पर हमला भी कायराना था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई।
विदेश सचिव ने पाकिस्तान को घेरा कि वह आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, जिसका उदाहरण ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी है। उन्होंने कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि का छह दशकों तक सम्मान किया, जबकि पाकिस्तान हर बार समझौतों की राह में अड़चनें डालता रहा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकियों के लिए राजकीय सम्मान देना एक प्रथा बन गई है, लेकिन इससे भारत प्रभावित नहीं होता।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच आई है और भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे देश की सुरक्षा के प्रति पूरी सजगता से तैनात हैं।

