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News Samvad : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने के लिए ‘AI-PRAGYA’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य 10 लाख युवाओं को एआई तकनीक में दक्ष बनाना और उन्हें भविष्य के डिजिटल भारत के लिए तैयार करना है। इच्छुक उम्मीदवार एआई प्रज्ञा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन जैसे प्रमुख कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण न केवल आईटी क्षेत्र में रोजगार के अवसर खोलेगा, बल्कि सरकारी सेवाओं, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी व्यापक लाभ प्रदान करेगा। इससे युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, एचसीएल, अमेजन और गूगल जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियां युवाओं के लिए अपस्किलिंग प्रोग्राम चलाएंगी, जिससे उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
AI-PRAGYA एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत सरकार के एआईसीटीई (All India Council for Technical Education) द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। यह मंच तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, ताकि विद्यार्थी 21वीं सदी की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। इसके अंतर्गत ऑनलाइन कोर्स, प्रमाण पत्र (Certificates), और फैकल्टी डिवेलपमेंट प्रोग्राम्स (FDPs) भी संचालित किए जाते हैं।
एआई का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में हो रहा है, जैसे कि शिक्षा में स्मार्ट लर्निंग ऐप्स, स्वास्थ्य में रोगों की जल्दी पहचान, कृषि में स्मार्ट सेंसर और ड्रोन्स, बैंकिंग में फ्रॉड डिटेक्शन और ग्राहक सहायता, और ई-कॉमर्स साइटों पर उत्पादों की सिफारिश। यह सभी एआई के उपयोग के उदाहरण हैं, जो तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

