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Ramgarh : रामगढ़ जिले के CCL कुजू क्षेत्र के करमा परियोजना में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। CCL की लीज एरिया में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से चार लोगों की मौत हो गयी। घटना की सूचना पाकर पुलिस राहत कार्य में जुट गई है। वही सीसीएल अधिकारी अपने बचाव में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार करमा के महुआटुंगरी के ग्रामीण शनिवार की भोरे-भोर CCL के लीज एरिया कर्मा परियोजना में कोयला चोरी करने पहुंचे थे। इसी दौरान अवैध खनन के दौरान कोयला का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसमें चार लोगों की दबकर मौत हो गयी। हासदे की फैली खबर के बाद आसपास के लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। मृतकों के घरवाले और लोग डेड बॉडी के साथ सड़क पर उतर आये और प्रदर्शन करने लगे। वे लोग मुआवजे की मांग कर रहे थे।
करमा खदान हादसा मामले में सरकार को हर एक जान का देना होगा हिसाब : बाबूलाल
इधर, हासदे के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रामगढ़ के करमा प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे की खबर सुनकर मन अत्यंत व्यथित और आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि हम इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं। यह मौत का सिलसिला अब बंद होना चाहिए। इस सरकार को हर एक जान का हिसाब देना होगा। मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि कोयले की अवैध खदान में हमारे कई श्रमिक भाइयों के दबे होने की आशंका है। मैं ईश्वर से उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। लेकिन यह कोई हादसा नहीं, यह हत्या है। यह हत्या उस भ्रष्ट और गैर जिम्मेदार सरकार की लापरवाही से हुई है, जो दिन के उजाले में चल रहे इस अवैध कारोबार से अपनी आंखें मूंदे बैठी है। कब तक झारखंड के गरीब यूं ही अपनी जान गंवाते रहेंगे?
रामगढ़ के करमा प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे की ख़बर सुनकर मन अत्यंत व्यथित और आक्रोशित है। कोयले की अवैध खदान में हमारे कई श्रमिक भाइयों के दबे होने की आशंका है। मैं ईश्वर से उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूँ और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।… pic.twitter.com/GQdabmiKve
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 5, 2025
उन्होंने कहा है कि रामगढ़ हो या धनबाद, हज़ारीबाग़ हो या बोकारो, चौतरफ़ा मौत का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और सरकार दावा करती है कि उसे कुछ पता नहीं। हर एक जान की ज़िम्मेदार यह राज्य सरकार है। यह अपराध किसके संरक्षण में हो रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। यह पूरी तरह से पुलिस और सरकारी संरक्षण में हो रहा है। सीसीएल ने खदान बंद कर दी थी, लेकिन सरकार के नाक के नीचे माफिया ने उसे फिर से शुरू कर दिया। यह सरकार की नाकामी नहीं, तो और क्या है? उन्होंने कहा कि हम इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं। यह मौत का सिलसिला अब बंद होना चाहिए। इस सरकार को हर एक जान का हिसाब देना होगा।

