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Ranchi : अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री चमरा लिंडा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पहले हर हाल में विद्यार्थियों के खाते में पहुंच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण में किसी भी तरह की देरी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है, इसलिए पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि छात्रवृत्ति वितरण के लिए ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया साफ-सुथरी और आसान हो तथा विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ई-कल्याण पोर्टल पहले ही खोला जा चुका है
बैठक के दौरान आदिवासी कल्याण आयुक्त ने मंत्री को जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है। इससे छात्र-छात्राएं समय पर आवेदन कर पा रहे हैं और आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। मंत्री ने निर्देश दिया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सत्यापन भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
साइकिल वितरण में तेजी लाने का निर्देश
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री चमरा लिंडा ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले एक महीने के भीतर कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के बीच ड्रॉपआउट की समस्या को कम करना है। ऐसे में लाभुकों तक समय पर साइकिल पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों के बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा सकें।
रोजगार सृजन योजना को नए स्वरूप में तैयार करने की तैयारी
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने योजना को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का गहन अध्ययन किया जाए और जरूरत के अनुसार नई रूपरेखा तैयार की जाए। मंत्री ने कहा कि संशोधित स्वरूप में योजना को लागू करते हुए नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।
कई आला अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव एवं विशेष सचिव, आदिवासी कल्याण आयुक्त, आदिवासी सहकारी विकास निगम के प्रबंध निदेशक, जेटीडीएस के राज्य परियोजना निदेशक, आईटीडीए रांची के परियोजना निदेशक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य और क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई तथा अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर परिणाम देने के निर्देश दिए गए।
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