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News Samvad : सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक अफवाह ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 2 अगस्त 2025 को पूरी पृथ्वी 6 मिनट के लिए अंधकार में डूब जाएगी। इस अफवाह में कहा गया है कि उस दिन एक दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि, खगोलविदों और विशेषज्ञों ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे भ्रामक बताया है।
क्या है सच्चाई :
विशेषज्ञों के अनुसार 2 अगस्त 2025 को कोई सूर्य ग्रहण नहीं होगा। यह तारीख अमावस्या की नहीं है, और सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या के दिन ही संभव होता है, जब चंद्रमा और सूर्य एक रेखा में होते हैं। जिस सूर्य ग्रहण की बात की जा रही है, वह वास्तव में 2 अगस्त 2027 को होगा। यह 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य को लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक ढक लेगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में दिन में अंधेरा छा सकता है।
2025 में सूर्य ग्रहण की स्थिति
वर्ष 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण होंगे। पहला सूर्य ग्रहण पहले ही हो चुका है, जबकि दूसरा आंशिक सूर्य ग्रहण 21-22 सितंबर 2025 को होगा। यह ग्रहण न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में यह दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा, 2025 में दो चंद्र ग्रहण भी होंगे।
सूर्य ग्रहण से जुड़ी मान्यताएं
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण राहु और केतु के प्रभाव से होता है, जो समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। हिंदू मान्यताओं में सूर्य ग्रहण के दौरान शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन आदि वर्जित माने जाते हैं। इस दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद रखे जाते हैं। साथ ही, मान्यता है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि इससे शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, ग्रहण के दौरान खाना, पीना और सोना भी वर्जित माना जाता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
खगोलशास्त्रियों ने स्पष्ट किया है कि सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जो चंद्रमा के सूर्य और पृथ्वी के बीच आने से होती है। यह किसी भी तरह से दुनिया भर में अंधकार का कारण नहीं बनेगा। 2 अगस्त 2025 की अफवाह को लेकर लोगों से अपील की जा रही है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करें।
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