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Patna : CM नीतीश कुमार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रविवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की। कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री आवास संकल्प में किया गया, जहां दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित कई मंत्री मौजूद रहे।
महिलाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
CM ने कहा कि यदि हर परिवार से एक महिला उद्यमी बनेगी तो न केवल उस परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। इसी सोच के साथ यह योजना शुरू की गई है। योजना के तहत महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण दोनों उपलब्ध कराए जाएंगे।
10 हजार की मदद, आगे 2 लाख तक सहयोग
पहले चरण में पात्र महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। इसके बाद यदि महिला अपने काम को आगे बढ़ाना चाहेगी तो उसे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद भी दी जा सकती है। यह राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे खाते में जाएगी।

आवेदन की प्रक्रिया
योजना का संचालन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) करेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं जीविका समूह और ग्राम संगठनों के जरिए आवेदन कर सकेंगी।
शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए सरकार ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की है।
पात्रता शर्तें
आवेदिका की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
महिला या उसके पति आयकरदाता या सरकारी नौकरी में नहीं होने चाहिए।
अविवाहित महिला, जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं, वे भी इसका लाभ उठा सकेंगी।
प्रशिक्षण और जागरूकता
महिलाओं को सिर्फ आर्थिक सहयोग ही नहीं बल्कि व्यवसाय प्रबंधन, तकनीकी कौशल और वित्तीय योजना से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए जीविका अन्य संस्थाओं से सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 250 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन पूरे राज्य में महिलाओं को योजना की प्रक्रिया और लाभ समझाएंगे।
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