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Patna : पटना के लाखों मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एक बड़ा बदलाव हुआ है। पटना नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स की दरों में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग से मंजूरी मिलने के बाद नई दरें 24 जून 2026 से लागू हो गई हैं। इस फैसले का असर शहर के आवासीय भवनों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संपत्तियों पर पड़ेगा।नगर निगम का कहना है कि बढ़े हुए राजस्व का इस्तेमाल शहर में सड़क, नाला, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
30 साल बाद हुआ बड़ा संशोधन
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 1995 के बाद पहली बार वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी) में इस स्तर का संशोधन किया गया है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत समय-समय पर किराया मूल्य में बदलाव करने का प्रावधान है। इसी के आधार पर सभी श्रेणियों की संपत्तियों के वार्षिक किराया मूल्य में 15 प्रतिशत वृद्धि का फैसला लिया गया।नई व्यवस्था में प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क और अन्य सड़कों के किनारे स्थित भवनों को अलग-अलग श्रेणियों में रखकर टैक्स तय किया जाएगा। इससे संपत्ति की स्थिति और उपयोग के आधार पर कर निर्धारण होगा।
लोगों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
होल्डिंग टैक्स बढ़ने का सीधा असर आम लोगों और कारोबारियों की जेब पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति अब तक सालाना 1000 रुपये होल्डिंग टैक्स देता था, तो अब उसे करीब 1150 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह प्रति वर्गफुट तय की गई दरों में भी 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।इस बढ़ोतरी के बाद कई लोगों के मासिक और वार्षिक खर्च में इजाफा होना तय माना जा रहा है। खासकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पहले की तुलना में अधिक टैक्स देना पड़ेगा।
नगर निगम ने बताया बढ़ोतरी का कारण
पटना नगर निगम का कहना है कि शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। नए इलाकों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है और नागरिक सुविधाओं पर होने वाला खर्च भी पहले के मुकाबले काफी बढ़ चुका है। ऐसे में बेहतर सेवाएं देने और विकास कार्यों को गति देने के लिए अतिरिक्त राजस्व की जरूरत महसूस की जा रही थी।निगम प्रशासन का दावा है कि इस अतिरिक्त आय से शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
समय पर टैक्स भरने वालों को मिलेगी छूट
हालांकि करदाताओं को कुछ राहत भी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय सीमा के भीतर एकमुश्त होल्डिंग टैक्स जमा करता है, तो उसे 5 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।वहीं समय पर टैक्स जमा नहीं करने वाले लोगों पर नियमानुसार अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। नगर निगम ने लोगों से समय पर कर भुगतान करने की अपील की है।
सुविधाएं बढ़ेंगी या बोझ बढ़ेगा, इस पर टिकी निगाहें
नगर निगम के इस फैसले से एक तरफ राजस्व संग्रह बढ़ने की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ आम नागरिकों और व्यापारियों के बीच अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़े हुए टैक्स के बदले सड़क, सफाई, जलनिकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं में कितना सुधार देखने को मिलता है। यदि सुविधाओं में बदलाव दिखाई देता है तो लोगों को राहत महसूस होगी, लेकिन सुविधाएं पहले जैसी ही रहीं तो यह बढ़ोतरी सवालों के घेरे में आ सकती है।
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