अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार के गांवों में अब सड़क की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जिन गांवों और बसावटों में कुछ साल पहले तक बरसात के दिनों में कच्चे रास्तों पर चलना मुश्किल होता था, वहां अब पक्की सड़क पहुंच रही है। ग्रामीण कार्य विभाग के मुताबिक राज्य में अब तक 1,21,675 बसावटों को पक्की ग्रामीण सड़कों से जोड़ा जा चुका है। इन बसावटों तक सड़क पहुंचाने के लिए 1,20,948 किलोमीटर से ज्यादा ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य राज्य की 1,29,990 बसावटों को 1,34,704.13 किलोमीटर पक्की ग्रामीण सड़कों से जोड़ना है। यानी बड़ी संख्या में बसावटों तक सड़क पहुंच चुकी है और अब बाकी इलाकों को जोड़ने पर जोर है। विभाग के अनुसार करीब 8,780 बसावटों को सड़क से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
गांव से बाजार और अस्पताल तक पहुंचना हुआ आसान
ग्रामीण इलाकों में सड़क बनने का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। गांव से बाजार जाने के लिए अब लोगों को खराब या कच्चे रास्तों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल जाने वाले मरीजों और रोज काम के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को भी आने-जाने में पहले की तुलना में आसानी हो रही है।
किसानों के लिए भी पक्की सड़क काफी अहम है। खेत से अनाज और दूसरी उपज बाजार तक ले जाने में परेशानी कम होती है। बरसात में रास्ता खराब होने की वजह से गांव का संपर्क कटने की स्थिति भी कम होती है। ग्रामीण कार्य विभाग का कहना है कि जिन बसावटों को अब तक बारहमासी पक्की सड़क नहीं मिल सकी है, वहां सड़क संपर्क पहुंचाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है।
विभाग अलग-अलग ग्रामीण सड़क योजनाओं को मिलाकर उन बसावटों को नजदीकी मुख्य सड़क और बड़े सड़क नेटवर्क से जोड़ रहा है। इसका मकसद यह है कि गांव के लोगों को प्रखंड, जिला मुख्यालय और आसपास के बाजारों तक पहुंचने में कम परेशानी हो।
इस साल 3,161 बसावटों को जोड़ने का लक्ष्य
ग्रामीण सड़कों का काम अगले वित्तीय वर्ष के इंतजार में नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3,161 और बसावटों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 9,264.54 किलोमीटर ग्रामीण सड़क बनाने की योजना है। विभाग स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।
बिहार में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत अलग-अलग योजनाओं के तहत काम हो रहा है। जहां सड़क की जरूरत ज्यादा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं ली जा रही हैं।
सरकार का लक्ष्य केवल सड़क बनाकर काम खत्म करना नहीं है। कोशिश यह है कि राज्य की पात्र बसावटों तक ऐसी पक्की सड़क पहुंचे, जिस पर सालभर आवागमन बना रहे। सड़क संपर्क बढ़ने से गांवों के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और दूसरी जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। ग्रामीण कार्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक हुई प्रगति इसी दिशा में बड़ा कदम है।
इसे भी पढ़ें : उद्यमियों और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनेंगे MSME मित्र, करेंगे मार्गदर्शन



